जयपुर: 12वीं के छात्र प्रिंस की पैटी खाने से मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर किया विरोध
जयपुर, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र प्रिंस की पैटी खाने के बाद हुई मौत को लेकर परिवार और छात्रों ने शुक्रवार को स्कूल के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने समय पर सूचना नहीं दी और इलाज में लापरवाही बरती गई।
प्रिंस के पिता अमित सोनू ने बताया कि बेटा सुबह हंसते-खेलते स्कूल गया था। करीब 11:30 से 12 बजे के बीच स्कूल से फोन आया कि बच्चा बीमार है, तुरंत आ जाइए। फोन पर कहा गया कि हो सके तो चार पहिया गाड़ी से आएं। जब उन्होंने पूछा कि हुआ क्या है तो कोई जानकारी नहीं दी गई।
पिता ने आगे कहा, "जब तक मैं वहां पहुंचा तब तक कम से कम 40 से 45 मिनट बीत चुके थे। आपने जो हुआ उसके वीडियो देखे ही होंगे। उसका शरीर ठंडा पड़ गया था और सांसें थम गई थी।"
प्रिंस की मां ने बताया कि जब वह स्कूल पहुंची तो सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें अंदर जाने दिया। वह सीधे ऑफिस गईं। वहां एक टीचर काम कर रहा था। प्रिंस के बारे में पूछने पर बताया गया कि वह वहीं है। मां के अनुसार ऑफिस के दरवाजे पर पर्दा लगा था। अंदर कई टीचर और दो महिलाएं सोफे के पास खड़ी थीं। खिड़की पर भी पर्दा लगा था और पंखा धीरे चल रहा था, कमरे में बहुत गर्मी थी।
मां ने रोते हुए कहा, "मैंने पूछा मेरा प्रिंस कहां है? टीचर ने पूछा, 'क्या आप प्रिंस की मां हैं?' मैंने हां कहा। जब टीचर एक तरफ हटा तो मुझे सोफे पर प्रिंस के पैर दिखाई दिए। पास गई तो देखा उसका शरीर नीला पड़ चुका था, हाथ ठंडे थे, आंखें नीली हो गई थीं। मैं जल्दी से बच्चे के पास गई और उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा।"
इसके बाद परिजन तुरंत प्रिंस को अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि अगर उसे समय पर लाया गया होता तो शायद वह बच जाता।
प्रिंस के एक सहपाठी ने बताया कि लंच के समय उसने कैंटीन से पैटी खाई थी। खाली पेट जल्दी-जल्दी खाने के कारण वह गले में फंस गई। उसने पानी भी पिया लेकिन पैटी बाहर नहीं निकली।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल के बाहर परिवार के सदस्य और छात्र जमा हो गए और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने लगे।
इस मामले पर भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है। मैं पूरे सोनी परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि मौत की असली वजह पता लगाने के लिए पूरी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार और प्रशासन दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि स्कूल प्रशासन के अनुसार सभी छात्रों ने एक ही कैंटीन से पैटी खाई थी लेकिन कोई और बीमार नहीं पड़ा। इसलिए सही कारण जानना जरूरी है। पूरी मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत का कारण क्या था।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन और कैंटीन संचालक के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्कूल प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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