जयपुर विधानसभा में गरमा गया मामला: गिरोह और धमकियों पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार को घेरा
राजस्थान विधान सभा के शून्यकाल में मंगलवार को एक गंभीर विषय पर चर्चा हुई जब निर्दलीय विधायक Ravindra Singh Bhati ने सदन में प्रदेश में बढ़ते गैंगस्टर नेटवर्क, डिब्बा कॉलिंग और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए धमकियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा जैसे गिरोहों के प्रभाव को रोकने में प्रशासन असफल है और इससे राजस्थान की कानून‑व्यवस्था खतरे में है।
भाटी ने कहा कि जेल में बंद या विदेशों में बैठे अपराधी आज भी अपने गिरोहों का नेटवर्क चालू रखे हुए हैं और यह नेटवर्क इंटरनेट कॉलिंग व डिब्बा कॉलिंग के ज़रिये व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को धमकियाँ दे रहा है। इन धमकियों के कारण लोग पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से डर रहे हैं, जिससे अपराधियों के हौसले और बढ़ रहे हैं। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस गिरोह नेक्सस को नहीं रोका गया, तो राजस्थान “रक्तरंजित” हो सकता है।
विधायक भाटी ने यह भी कहा कि केवल कुछ सिपाहियों को घरों के बाहर तैनात करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने बीहड़ राज्यों जैसे यूपी व बिहार की तर्ज पर सख्त और संगठित अभियान की मांग की, ताकि गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टरों की संपत्तियों की जब्ती, नाबालिगों को अपराध की दुनिया में धकेलने वाले नेटवर्कों पर रोक और अपराधियों के संरक्षक नेटवर्क को तोड़ने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
सरकार का जवाब
इसपर जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और गिरोहों के खिलाफ already सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई है।
मंत्री ने बताया कि 2024 में AGTF ने प्रदेश भर में 36,484 टीमों का गठन किया और 1,23,936 स्थानों पर दबिश दी, जिससे कई गिरोहों पर प्रभावी दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इटली से 50 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर अमरजीत बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया और अन्य अपराधियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग से कार्रवाइयां की गईं।
विपक्ष और सदन की प्रतिक्रिया
जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से पूछा कि ठोस कार्रवाई क्या हो रही है, तो मंत्री ने AGTF की उपलब्धियों और कार्रवाई के आंकड़े गिनाए। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में इस मुद्दे पर अतिरिक्त चर्चा कराने की संभावना भी जताई, अगर विधायकों द्वारा औपचारिक प्रस्ताव लाया जाता है।
किसका नाम जुड़ा है इसके साथ?
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लॉरेंस बिश्नोई गिरोह: उत्तर भारत में कुख्यात गिरोहों में से एक है, जिसका नेटवर्क कई राज्यों में है।
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रोहित गोदारा: इसी गिरोह से सम्बंधित बताया जाता है और उस पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं, साथ ही उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है। पिछले मामले में उसने धमकी देने से इंकार करते हुए कहा था कि उसके नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है।

