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जब नसीम बानो ने दिलीप कुमार को बेटी सायरा से मिलवाया, फिर बदल गई दोनों की जिंदगी

मुंबई, 17 जून (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री नसीम बानो को अपने दौर की 'ब्यूटी क्वीन' कहा जाता था। उनकी खूबसूरती के किस्से दूर-दूर तक मशहूर थे और उनकी अदाकारी ने लाखों लोगों का दिल जीता था। नसीम बानो ने न सिर्फ फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने परिवार की जिंदगी में भी अहम भूमिका निभाई। खास तौर पर बेटी सायरा बानो और दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार की शादी के पीछे भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं, उनकी जिंदगी और करियर की पूरी कहानी।
जब नसीम बानो ने दिलीप कुमार को बेटी सायरा से मिलवाया, फिर बदल गई दोनों की जिंदगी

मुंबई, 17 जून (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री नसीम बानो को अपने दौर की 'ब्यूटी क्वीन' कहा जाता था। उनकी खूबसूरती के किस्से दूर-दूर तक मशहूर थे और उनकी अदाकारी ने लाखों लोगों का दिल जीता था। नसीम बानो ने न सिर्फ फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने परिवार की जिंदगी में भी अहम भूमिका निभाई। खास तौर पर बेटी सायरा बानो और दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार की शादी के पीछे भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं, उनकी जिंदगी और करियर की पूरी कहानी।

नसीम बानो का जन्म 4 जुलाई 1916 को पुरानी दिल्ली में रोशन आरा बेगम के रूप में हुआ था। उनकी मां चाहती थीं कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर डॉक्टर बने, लेकिन नसीम का मन फिल्मों की दुनिया में बसता था। कहा जाता है कि बचपन से ही वह फिल्मों और कलाकारों को देखकर प्रभावित होती थीं। एक बार फिल्म की शूटिंग देखने के दौरान उनकी मुलाकात मशहूर फिल्मकार सोहराब मोदी से हुई, जिन्होंने उन्हें अपनी फिल्म में काम करने का ऑफर दिया। शुरुआत में उनकी मां ने इस ऑफर को ठुकरा दिया, लेकिन नसीम की जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा।

साल 1935 में नसीम बानो ने फिल्म 'खून का खून' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन असली पहचान उन्हें 1939 में आई फिल्म 'पुकार' से मिली। इस फिल्म में उन्होंने नूरजहां का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी खूबसूरती और अभिनय दोनों की चर्चा होने लगी। यही वह दौर था, जब उन्हें 'ब्यूटी क्वीन' का नाम मिला। धीरे-धीरे वह हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।

नसीम बानो ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया। इनमें 'तलाक', 'वसंती', 'चल चल रे नौजवान', 'अनोखी अदा', 'शीश महल' और 'शबिस्तान' जैसी फिल्में शामिल हैं। उस समय वह सबसे ज्यादा मेहनताना पाने वाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि विदेशों में भी उनके प्रशंसक थे। अभिनय के अलावा उन्होंने फिल्म निर्माण और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।

नसीम बानो ने मियां एहसान-उल-हक से शादी की थी। उनके दो बच्चे हुए, जिनमें बेटी सायरा बानो आगे चलकर हिंदी सिनेमा की बड़ी स्टार बनीं। कहा जाता है कि सायरा बचपन से ही अभिनेता दिलीप कुमार की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। जब सायरा का नाम अभिनेता राजेंद्र कुमार के साथ जोड़ा जाने लगा, तब नसीम बानो चिंतित हो गईं।

कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उन्होंने दिलीप कुमार से सायरा को समझाने की बात की थी। इसी दौरान दिलीप कुमार और सायरा बानो के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में 1966 में दोनों ने शादी कर ली। माना जाता है कि इस रिश्ते को सही दिशा देने में नसीम बानो की अहम भूमिका रही थी।

फिल्मों में लंबा और सफल सफर तय करने के बाद नसीम बानो ने अभिनय से दूरी बना ली। 18 जून 2002 को 85 वर्ष की उम्र में मुंबई में नसीम बानो का निधन हो गया।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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