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जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है तो संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेशनल साइंस डे पर कहा कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है तो संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है।
जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है तो संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेशनल साइंस डे पर कहा कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है तो संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है, तो जब ज्ञान और विज्ञान से हमारा परिचय होता है, तो संसार की सभी समस्याओं और संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। उन्होंने कहा कि समाधान का, विकास का और नवाचार का आधार विज्ञान ही है।

पीएम ने कहा कि आज नेशनल साइंस डे सीवी रमन की 'रमन इफ़ेक्ट' खोज को समर्पित है। रमन इफ़ेक्ट की खोज ने पूरे विज्ञान की दिशा को बदल दिया।

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट आगे लिखा कि नेशनल साइंस डे पर हम रिसर्च, इनोवेशन और साइंटिफिक जिज्ञासा की भावना का जश्न मनाते हैं जो हमारे देश को आगे बढ़ाती है। यह दिन सर सीवी रमन की रमन इफ़ेक्ट की अहम खोज की याद में मनाया जाता है। इस खोज ने भारतीय रिसर्च को दुनिया भर में मजबूती से जगह दिलाई। हम अपने युवाओं को मजबूत बनाने, रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने और देश के विकास और दुनिया की भलाई के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का अपना इरादा दोहराते हैं।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पोस्ट में लिखा, "राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की ऐतिहासिक खोज ने भारत को वैज्ञानिक गौरव की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। डॉ. सी. वी. रमन की यह उपलब्धि भारतीय प्रतिभा, शोध और नवाचार की वैश्विक पहचान बनी।"

आज भारत अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर हरित ऊर्जा, जैव-प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचार तक विश्व समुदाय में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। चंद्रयान और गगनयान जैसे अभियानों से लेकर सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं तक, भारतीय विज्ञान वैश्विक समाधान प्रस्तुत कर रहा है। विज्ञान हमारे आत्मनिर्भर भारत का प्रेरक बल है। यह दिवस हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान और नवाचार को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश देता है। राष्ट्र निर्माण में समर्पित सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को साधुवाद, जिनकी प्रतिभा और परिश्रम भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।"

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर, हमारे साइंटिस्ट और इनोवेटर्स को बधाई, जिनकी लगन और मेहनत ज्ञान की सीमाओं को लगातार बढ़ा रही है। एआई, स्पेस, डिफेंस और आईटी से लेकर हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और रिन्यूएबल एनर्जी तक, आपकी कामयाबियां भारत के युवाओं को प्रेरित कर रही हैं, हमारी इकॉनमी को मजबूत कर रही हैं, नेशनल सिक्योरिटी को बढ़ा रही हैं और ज़िंदगी को बेहतर बना रही हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/एएस

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