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ईटानगर से बेंगलुरु तक, पीएम मोदी ने युवाओं की स्वच्छता की अनूठी पहल को सराहा

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता हमेशा हमारे कार्यक्रम और जीवन का अहम हिस्सा रही है। उन्होंने बताया कि हमें देखकर गर्व होता है कि देश के युवा अपने आसपास की सफाई के प्रति कितने जागरूक हैं और कितनी मेहनत से अपने शहर और गांव को साफ-सुथरा बनाने में जुटे हैं।
ईटानगर से बेंगलुरु तक, पीएम मोदी ने युवाओं की स्वच्छता की अनूठी पहल को सराहा

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता हमेशा हमारे कार्यक्रम और जीवन का अहम हिस्सा रही है। उन्होंने बताया कि हमें देखकर गर्व होता है कि देश के युवा अपने आसपास की सफाई के प्रति कितने जागरूक हैं और कितनी मेहनत से अपने शहर और गांव को साफ-सुथरा बनाने में जुटे हैं।

प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल वो जगह है जहां सबसे पहले सूर्य की किरणें पहुंचती हैं और वहां लोग 'जय हिंद' कहकर एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं।

उन्होंने बताया कि ईटानगर में कुछ युवाओं ने उन हिस्सों की सफाई के लिए एकजुट होना शुरू किया, जिन्हें अधिक ध्यान की जरूरत थी। धीरे-धीरे उनका अभियान नाहरलागुन, दोईमुख, सेप्पा, पालिन और पासीघाट तक फैल गया। इन युवाओं ने अब तक करीब 11 लाख किलो कचरे की सफाई की है। उन्होंने कहा कि नौजवानों ने मिलकर 11 लाख किलो कूड़ा-कचरा हटाया, यह सच में एक प्रेरणादायक प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने असम के नागांव का भी उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वहां की पुरानी गलियों से लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। कुछ लोगों ने अपनी गलियों को साफ रखने का संकल्प लिया और धीरे-धीरे उनके साथ और लोग जुड़ते गए। इसी तरह एक टीम तैयार हुई, जिसने अपने इलाके से बहुत सारा कचरा हटाया और लोगों में स्वच्छता की भावना फैलाने का काम किया।

बेंगलुरु में भी ऐसे प्रयास चल रहे हैं। वहां सोफावेस्ट, यानी पुराने और बड़े फर्नीचर का कचरा, बड़ी समस्या बन गया था। कुछ पेशेवरों ने मिलकर इसे ठीक करने और सही तरीके से निपटाने का काम शुरू किया। इसी तरह कई शहरों में अलग-अलग टीमें लैंडफिल वेस्ट की रीसाइक्लिंग और सफाई में जुटी हैं। चेन्नई में भी एक टीम ने बेहतरीन काम किया है और इस तरह के प्रयास दिखाते हैं कि स्वच्छता हर जगह जरूरी है और हर प्रयास का बड़ा महत्व है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सभी को व्यक्तिगत रूप से या टीम बनाकर इसमें योगदान देना होगा। छोटे-छोटे प्रयास, चाहे गलियों की सफाई हो, सार्वजनिक स्थानों की सफाई हो या कचरे की रीसाइक्लिंग, सभी मिलकर हमारे शहर और गांव को बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर नागरिक अपने हिस्से का योगदान देगा।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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