Samachar Nama
×

ईटानगर के गिरिजापति शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, राज्यपाल केटी परनाइक ने पुष्प अधिवेशन में की पूजा-अर्चना

ईटानगर, 24 फरवरी (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में स्थापित गिरिजापति शिव मंदिर में तीन दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम चल रहा है। मंगलवार को पहले दिन पुष्प अधिवेशन कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (रिटायर्ड) और उनकी पत्नी अनघा परनाइक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पूजा अर्चना की।
ईटानगर के गिरिजापति शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, राज्यपाल केटी परनाइक ने पुष्प अधिवेशन में की पूजा-अर्चना

ईटानगर, 24 फरवरी (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में स्‍थाप‍ित गिर‍िजापत‍ि श‍िव मंदिर में तीन द‍िवसीय मूर्त‍ि प्राण प्रति‍ष्ठा कार्यक्रम चल रहा है। मंगलवार को पहले द‍िन पुष्‍प अध‍िवेशन कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (रिटायर्ड) और उनकी पत्‍नी अनघा परनाइक कार्यक्रम में शाम‍िल हुए। यहां उन्‍होंने पूजा अर्चना की।

मंद‍िर ट्रस्ट के चेयरमैन ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया क‍ि मंदिर में आज पहले द‍िन पुष्‍प अध‍िवेशन कार्यक्रम था। कल 25 फरवरी को नगर पर‍िक्रमा का आयोजन होगा। इस दौरान मूर्त‍ि को लेकर सभी मंदिरों को जोड़ते हुए पर‍िक्रमा न‍िकाली जाएगी। इसके बाद तीसरे द‍िन 26 फरवरी को मुख्‍य प्राण प्रत‍िष्‍ठा कार्यक्रम होगा।

गुरुवार को प्राण प्रत‍िष्‍ठा कार्यक्रम का आयोजन दोपहर तीन बजे से होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शाम‍िल होंगे। इसके बाद 28 तारीख को लोकार्पण कार्यक्रम रखा गया है। इसमें सभी लोग मूर्त‍ि के दर्शन कर सकेंगे। मुख्‍यमंत्री मूर्त‍ि का लोकार्पण करेंगे। उनके साथ कई अन्‍य मंत्री भी कार्यक्रम में शरीक होंगे। साथ ही इंटरनेशनल व‍िश्‍व ह‍िंदू पर‍िषद के अध्‍यक्ष डॉक्‍टर आलोक कुमार भी कार्यक्रम में जुड़ेंगे।

चेयरमैन ने बताया क‍ि गिर‍िजापत‍ि श‍िव मंदिर की स्‍थापना 2002 में की गई थी। इसके बाद 2022 में ट्रस्ट बनाया गया। इस ट्रस्ट का मकसद हमारे कल्‍चर को बचाना है।

कल्‍चर को सुरक्ष‍ित रखने के ल‍िए हम यहां एक स्‍टडी एंड र‍िसर्च सेंटर भी बनाएंगे। ये खासकर हम अपने पुजारी लोगों के ल‍िए कर रहे हैं। हमारा धर्म और पुजारी सुरक्ष‍ित होंगे तभी हमारा कल्‍चर सुरक्ष‍ित होगा।

उन्‍होंने बताया क‍ि हमारे यहां श‍िक्षा का अभाव और जागरूकता न होने के कारण लोग भटक रहे हैं। उनको सुरक्ष‍ित रखना हमारी ज‍िम्‍मेदारी है। उन्‍होंने कहा क‍ि हमारे यहां पुजारी ज्‍यादा श‍िक्ष‍ित नहीं होते हैं, लेक‍िन वे अपने बच्‍चों को श‍िक्ष‍ित करना चाहते हैं। वे अपने बच्‍चों को बाहर पढ़ने के ल‍िए भेज देते हैं। वही बच्‍चे बाहर से पढ़ाई करने के बाद राह भटक जाते हैं। कहीं न कहीं वो दूसरे कल्‍चर में फंस जाते हैं और दूसरे धर्म की ओर चले जाते हैं। वही बच्‍चे फ‍िर अपने परिवार और माता-प‍िता पर दबाव बनाने लगते हैं। ऐसे में उन पुजारियों की स्‍थ‍ित‍ि बहुत खराब हो जाती है, जिन्होंने पूरा जीवन पुजारी बनकर बिताया हो और अंत समय में किसी और धर्म को अपनाना नहीं चाहते। हम उन पुजार‍ियों के ल‍िए ही ये व्‍यवस्‍था कर रहे हैं, ताक‍ि वो यहां रहकर अपने कल्‍चर में जीवन ब‍िता पाएं। हम यहां उनकी सारी सुव‍िधाओं को ध्‍यान रखते हुए इसको तैयार कर रहे हैं।

--आईएएनएस

अर्प‍ित याज्ञन‍िक/एमएस

Share this story

Tags