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यरुशलम : डे केयर सेंटर में दो मासूमों की मौत, खतरनाक केमिकल के कारण 55 बच्चे बीमार

यरुशलम, 19 जनवरी (आईएएनएस)। यरुशलम स्थित एक डे केयर सेंटर में खतरनाक केमिकल के संपर्क में आने से दो बच्चों की मौत हो गई जबकि 55 बच्चे बीमार हो गए। डे केयर में चार महीने से लेकर 3 साल तक के बच्चों का रखरखाव किया जाता था। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी।
यरुशलम : डे केयर सेंटर में दो मासूमों की मौत, खतरनाक केमिकल के कारण 55 बच्चे बीमार

यरुशलम, 19 जनवरी (आईएएनएस)। यरुशलम स्थित एक डे केयर सेंटर में खतरनाक केमिकल के संपर्क में आने से दो बच्चों की मौत हो गई जबकि 55 बच्चे बीमार हो गए। डे केयर में चार महीने से लेकर 3 साल तक के बच्चों का रखरखाव किया जाता था। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी।

द यरुशलम पोस्ट ने मैगन डेविड एडोम के हवाले से पुष्टि की कि सोमवार को रोमेमा इलाके में एक किंडरगार्टन में कार्बन मोनोऑक्साइड से दो बच्चों की मौत हो गई और लगभग 55 लोग घायल हो गए। हादसे का शिकार बच्चे 4 महीने के थे। अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स बेहाद्रेई हरेदिम न्यूज साइट के अनुसार, इनमें से एक बच्चे का डे केयर में ये पहला दिन था।

हालांकि इलाज किए गए बच्चों की संख्या तुरंत जारी नहीं की गई, और घटना के कारण की जांच अभी भी जारी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस जांच कर रही है कि क्या बिना लाइसेंस वाले डेकेयर में हीटिंग सिस्टम खराब था। यह डेकेयर हा'मेम गिमेल स्ट्रीट पर एक अपार्टमेंट में था।

द टाइम्स ऑफ इजरायल को बताया कि बचाव दल कर्मी एक बार में कई बच्चों को लेकर बिल्डिंग के अंदर-बाहर भाग रहे थे। इस बीच पुलिस ने यहां काम करने वाले तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

कान पब्लिक ब्रॉडकास्टर के अनुसार, सेंटर में चार महीने से तीन साल तक के बच्चों की देखभाल की जाती थी।

शिक्षा मंत्रालय ने आउटलेट को बताया कि उसे डेकेयर सेंटर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और लाइसेंस के लिए उनसे कभी संपर्क नहीं किया गया था।

यूनाइटेड हत्जलाह (स्वयंसेवी संस्था), मागेन डेविड एडोम के साथ बच्चों को निकालने के लिए पहुंची, और साइकोट्रॉमा और क्राइसिस यूनिट के कार्यकर्ताओं ने डेयर केयर सेंटर के बाहर अपने बच्चों की राह देख रहे अभिभावकों की मदद की।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों को इमरजेंसी टीमों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, जबकि रेस्पॉन्डर्स उस पदार्थ की पहचान करने और प्रभावित जगहों को हवादार बनाने का काम कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वे बचाव दल के संपर्क में हैं।

--आईएएनएस

केआर/

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