इस्फहान में अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद बचे विस्फोटकों को ईरान ने किया निष्क्रिय
तेहरान, 2 जून (आईएएनएस)। ईरान ने इस्फहान में उन विस्फोटकों को निष्क्रिय (नष्ट) किया, जो हाल ही में अमेरिका-इजरायल हमलों के दौरान फटे नहीं थे। यह कार्रवाई क्षेत्र में विस्फोट की आशंका को रोकने के उद्देश्य से की गई।
मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह विस्फोटक सामग्री उस क्षेत्र में मिली थी, जिसे पहले हुए सैन्य हमलों में निशाना बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इन अवशेषों को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया गया ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या नुकसान से बचा जा सके।
इस दौरान इलाके में धमाके भी सुनाई दिए। प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया कि इससे खौफजदा होने की जरूरत नहीं है। स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान सुनाई देने वाली आवाजें योजनाबद्ध और नियंत्रित विस्फोटों के कारण थीं। नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामान्य गतिविधियां जारी रखने की अपील की गई।
इस बीच, ईरान ने कहा है कि वह अपने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस्फहान क्षेत्र पहले भी कई बार सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों का केंद्र रहा है।
राजधानी तेहरान और मशहद के बाद इस्फहान देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और इसे ईरान का महत्वपूर्ण औद्योगिक व सैन्य केंद्र माना जाता है। यहां मिसाइल और रक्षा उत्पादन से जुड़े कई अहम प्रतिष्ठान मौजूद हैं। रणनीतिक महत्व के साथ-साथ इस्फहान सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद समृद्ध शहर है।
शहर के आसपास ईरान के कई संवेदनशील प्रतिष्ठान मौजूद हैं, जिनमें परमाणु अनुसंधान केंद्र, मिसाइल उत्पादन सुविधाएं, एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और वायुसेना के अड्डे शामिल हैं।
हाल ही में चालीस दिनी संघर्ष के दौरान अमेरिका-इजरायल ने कई बार इस शहर को निशाने पर लिया। 32वें दिन (31 मार्च) अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक परमाणु ठिकाने पर 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया था। हमले के बाद पूरी रात आसमान धुएं से भर गया था। जून 2025 में भी अमेरिकी सेना ने बम बरसाए थे। इस्फहान में ईरान के संवर्धित यूरेनियम का भंडार होने की आशंका जताई जाती है।
--आईएएनएस
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