बाप रे बाप ऑटोरिक्शा है या कोई रेलगाडी... निकले 22 बच्चे, ट्रैफिक पुलिस ने रोका तो उड़े सबके होश, वीडियो देख हर कोई हैरान
एक ऑटोरिक्शा में एक-दो नहीं, बल्कि 22 बच्चे! आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन 22 बच्चे अपने स्कूल बैग लेकर ऑटोरिक्शा में बैठे थे। जब एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने ऑटोरिक्शा चालक को रोका, तो वह दंग रह गया। यह घटना तेलंगाना के नगरकुरनूल में हुई। ऑटोरिक्शा में निजी स्कूलों के कुछ बच्चे सफर कर रहे थे। उनमें से कुछ बहुत छोटे थे, शायद नर्सरी कक्षा के। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीले रंग के ऑटोरिक्शा में बैठे बच्चों के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र एक के बाद एक उतर रहे हैं। वे सभी स्कूल यूनिफॉर्म में हैं। कुछ नर्सरी के छात्र दिख रहे हैं, जबकि अन्य दूसरी और तीसरी कक्षा के। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने ऑटोरिक्शा को रोका और फिर सभी बच्चों को नीचे उतारा। जब बच्चे एक-एक करके ऑटोरिक्शा से उतरने लगे, तो देखने वाले दंग रह गए। ऑटोरिक्शा में 22 बच्चे अपने स्कूल बैग और पानी की बोतलें लेकर सवार थे।
How many children can be packed into an autorickshaw, along with their school bags, lunch boxes & water bottles? Take a count... you will be shocked ... video from #Nagarkurnool #Telangana; Transport to aspirational English medium private schools is expensive & endangering lives pic.twitter.com/s7U1kSeyEu
— Uma Sudhir (@umasudhir) November 19, 2025
ये सभी छात्र तेलंगाना के नगरकुरनूल के एक निजी स्कूल के बताए जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि इस निजी स्कूल के छात्रों को ऐसे ऑटोरिक्शा में क्यों बिठाया गया? पता चला है कि राज्य के ज़्यादातर निजी स्कूल बहुत ज़्यादा बस किराया वसूलते हैं। नतीजतन, कई अभिभावक ज़्यादा फीस और यात्रा खर्च वहन नहीं कर पाते। इसलिए, उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर अपने बच्चों को ऑटोरिक्शा में भेजना पड़ता है।
तेलंगाना में एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों ऐसे ऑटोरिक्शा हर सुबह-शाम सड़कों पर दौड़ते हैं, जिनमें बच्चे जानवरों की तरह बैठने को मजबूर होते हैं। राज्य शिक्षा विभाग को इस मुद्दे पर गौर करना चाहिए।

