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क्या समंदर से हमला करने में पूरी तरह सक्षम हो चुका है भारत? US रिपोर्ट में मिसाइलों और वॉरहेड्स पर बड़ा खुलासा

क्या समंदर से हमला करने में पूरी तरह सक्षम हो चुका है भारत? US रिपोर्ट में मिसाइलों और वॉरहेड्स पर बड़ा खुलासा

भारत की परमाणु ताकत को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) के अनुमान के मुताबिक, भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार हैं। इनमें से 160 से ज्यादा वॉरहेड ऐसे मिसाइल और अन्य सिस्टम के लिए तैयार माने जाते हैं, जो परमाणु हमला करने में सक्षम हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत नई मिसाइल प्रणालियों के लिए कुछ अतिरिक्त परमाणु वॉरहेड तैयार कर रहा है। FAS के अनुसार, भारत पिछले कुछ वर्षों से लगातार अपनी परमाणु क्षमता को आधुनिक बनाने में जुटा है।

हर साल बढ़ रहे हैं औसतन 8 परमाणु हथियार

FAS के अनुमान के मुताबिक, भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में पिछले करीब तीन वर्षों से औसतन हर साल 8 हथियारों की बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का परमाणु शस्त्रागार और बढ़ सकता है।

730 किलो प्लूटोनियम से कितने वॉरहेड बन सकते हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम होने का अनुमान है। इस मात्रा से सैद्धांतिक तौर पर करीब 225 परमाणु वॉरहेड बनाए जा सकते हैं।

हालांकि FAS ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं। वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन और रिजर्व में रखी सामग्री पर निर्भर कर सकती है।

अग्नि-V में MIRV तकनीक से बढ़ेगी क्षमता

भारत अपनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। अग्नि-V में MIRV तकनीक का परीक्षण किया जा चुका है।

MIRV यानी एक ही मिसाइल से कई अलग-अलग वॉरहेड को अलग-अलग लक्ष्यों की तरफ भेजने की क्षमता। FAS का अनुमान है कि अग्नि-V संभवतः तीन वॉरहेड ले जाने में सक्षम हो सकती है। हालांकि ऐसा करने पर मिसाइल की अधिकतम रेंज पर असर पड़ सकता है।

नया फास्ट ब्रीडर रिएक्टर भी अहम

भारत के परमाणु कार्यक्रम में 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अप्रैल 2026 में इस रिएक्टर ने पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की।

FAS के अनुमान के मुताबिक, अगर यह रिएक्टर अपनी करीब 80 प्रतिशत क्षमता पर संचालित होता है, तो सैद्धांतिक रूप से सालाना लगभग 140 किलो प्लूटोनियम-239 का उत्पादन कर सकता है। रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक इतनी मात्रा से करीब 35 वॉरहेड के बराबर सामग्री तैयार हो सकती है।

जमीन के साथ समुद्र में भी बढ़ रही परमाणु क्षमता

भारत का परमाणु हथियार कार्यक्रम केवल जमीन और मिसाइलों तक सीमित नहीं है। समुद्र में भी भारत अपनी परमाणु क्षमता मजबूत कर रहा है।

FAS के अनुसार, INS अरिधमान के शामिल होने से भारत की परमाणु पनडुब्बी क्षमता में इजाफा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इसमें 8 मिसाइल ट्यूब हैं, जबकि INS अरिहंत और INS अरिघात में 4-4 मिसाइल ट्यूब हैं।

इसके अलावा भविष्य में और परमाणु पनडुब्बियों को शामिल करने की योजनाएं भी बताई गई हैं।

दुनिया में 12 हजार से ज्यादा परमाणु हथियार

SIPRI Yearbook 2026 के अनुसार, दुनिया के नौ परमाणु हथियार संपन्न देशों के पास कुल मिलाकर करीब 12,187 परमाणु हथियार हैं। इनमें से लगभग 9,745 हथियार सैन्य इस्तेमाल के लिए उपलब्ध माने जाते हैं।

कुल मिलाकर, FAS की रिपोर्ट भारत के परमाणु कार्यक्रम में लगातार हो रहे आधुनिकीकरण और जमीन, हवा तथा समुद्र—तीनों स्तरों पर परमाणु क्षमता विकसित करने की दिशा को रेखांकित करती है। हालांकि रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े अनुमान हैं, इसलिए इन्हें भारत के आधिकारिक आंकड़े नहीं माना जाना चाहिए।

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