'इस क्लब में शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात', फ्रांस के खिलाफ हैट्रिक लगाने पर बोले बुकायो साका
मियामी, 19 जुलाई (आईएएनएस)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया। टीम की इस जीत में बुकायो साका ने अहम भूमिका निभाई। साका गैरी लिनेकर और हैरी केन के बाद वर्ल्ड कप के दो संस्करण में तीन या उससे ज्यादा गोल करने वाले इंग्लैंड के महज तीसरे खिलाड़ी बने।
इस खास लिस्ट में अपना नाम जुड़ने पर साका ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस उपलब्धि को खुद के लिए गर्व की बात बताया है। बुकायो साका ने मैच के 37वें मिनट में पहला गोल दागा। वहीं, 43वें मिनट में उन्होंने अपना दूसरा और दूसरे हाफ के आखिर में पेनल्टी स्पॉट से अपना तीसरा गोल करते हुए हैट्रिक पूरी की।
इस मुकाबले में गोलों की हैट्रिक लगाने के साथ ही साका 1966 के फाइनल में सर जेफ हर्स्ट के बाद वर्ल्ड कप नॉकआउट स्टेज मैच में हैट्रिक लगाने वाले इंग्लैंड के दूसरे खिलाड़ी बने। साका ने विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले चौथे इंग्लिश खिलाड़ी बनने का भी गौरव हासिल किया। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ तीन इंग्लिश खिलाड़ियों के नाम थी। 1966 के विश्व कप में जेफ हर्स्ट ने हैट्रिक लगाई थी। इसके 20 साल बाद गैरी लिनेकर ने यह कारनामा दोहराया, जबकि 2018 के रूस विश्व कप में हैरी केन ने हैट्रिक दर्ज की थी। अब इस खास सूची में यह खिलाड़ी भी शामिल हो गया है।
साका ने कहा, "यह शानदार था। यह मजेदार और निश्चित रूप से एक अद्भुत उपलब्धि थी। मुझे अभी बताया गया है कि इंग्लैंड के लिए केवल चार खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाई है, और आप जानते हैं कि वे खिलाड़ी कौन हैं। यह एक खास लिस्ट है जिसका हिस्सा बनना गर्व की बात है। इससे मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।"
हेड कोच थॉमस ट्यूशेल ने भी बुकायो साका के प्रदर्शन की तारीफ की। ट्यूशेल ने कहा, "उन्होंने सब कुछ सही किया। मुझे सेमीफाइनल में मॉर्गन रोजर्स के बारे में बस ऐसा ही महसूस हुआ था कि वह कुछ खास करेंगे। बस यही बात थी। ऐसे मैचों में बहुत कुछ करना पड़ता है और क्रैम्प्स (मांसपेशियों में खिंचाव) और खेल के बहाव के कारण हमें बदलाव करने पड़ते हैं। बुकायो ने दिखाया कि वह एक अहम खिलाड़ी हैं और इसमें कभी कोई शक नहीं था। मुझे तो यह भी पता नहीं था कि उन्होंने हैट्रिक लगाई है। मैं गोल करने वालों का हिसाब भूल गया था, लेकिन यह उनकी काबिलियत का सही नतीजा है।"
1966 के बाद फीफा विश्व कप में यह इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। साका ने कहा, "हमने पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार बेहतर खेल दिखाया और कुछ शानदार नतीजे हासिल किए। अर्जेंटीना के खिलाफ हम जीत नहीं पाए, और हम सभी को इसका बहुत दुख है, और मुझे यकीन है कि घर पर मौजूद फैंस को भी ऐसा ही लग रहा होगा। हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। मायने यह रखता है कि आप इस स्थिति पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और इसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा के तौर पर कैसे इस्तेमाल करते हैं। फ्रांस के खिलाफ इस मुकाबले में हमने मजबूती से खेल खत्म किया। हम बस इतना ही कर सकते थे, और हमने वही किया।”
--आईएएनएस
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