ईरानी संसद में होर्मुज से दुश्मन जहाजों को रोकने के लिए बिल का ड्राफ्ट पेश, नियम तोड़ने वालों पर लगेगा जुर्माना
तेहरान, 7 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी सांसदों ने होर्मुज स्ट्रेट से ट्रैफिक को रेगुलेट करने के लिए एक बिल का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ड्राफ्ट में कुछ जहाजों पर रोक और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना शामिल है।
यह बिल अभी ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग की समीक्षा में है। इस बिल से इतर, ईरान स्ट्रेट के जरिए कमर्शियल शिपिंग को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है। इससे पहले जो बिल पेश किया गया था, उसमें यह प्रावधान था कि अमेरिका, इजरायल और ईरान जिन अन्य देशों को दुश्मन मानता है, उनके जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने पर रोक लगा दी जाएगी।
फार्स न्यूज के अनुसार, नए प्रस्ताव में दायरा बढ़ा दिया है। इसमें कहा गया कि इजरायली जहाजों और दूसरे देशों और कंपनियों से जुड़े मिलिट्री या सिविलियन कार्गो को भी मुआवजा मिलने तक ट्रांजिट से रोक दिया जाएगा। फार्स न्यूज ने कहा कि पाबंदियों का उल्लंघन करने पर जहाज के कार्गो की कीमत का 20 फीसदी तक जुर्माना लगाया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत है, उनसे ईरानी सरकार सुरक्षित नेविगेशन के खर्च को कवर करने के लिए नेविगेशन सर्विस फीस लेगी। जहाजों को यह फीस ईरानी करेंसी में देनी होगी।
बता दें, इस बिल का ड्राफ्ट बनाने की कोशिश की घोषणा सबसे पहले मार्च में ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने की थी। अगले महीने, एक ड्राफ्ट जारी किया गया जिसमें ईरान के दुश्मन माने जाने वाले देशों के जहाजों को टारगेट किया गया था और छूट की भी संभावना थी। बिल के नए वर्शन में प्रस्तावित पाबंदियों को और ज्यादा जहाजों तक बढ़ाया गया और इसमें कार्गो भी शामिल है।
बीते दिनों ईरानी मीडिया ने जानकारी दी थी कि ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए सहमत हो गए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के बीच होने वाली यह डील अंतिम चरण में है।
ईरानी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इस्माइल बाघेई ने कहा कि मस्कट और तेहरान पहले ही होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन मार्ग के लिए भौगोलिक निर्देशांक (जियोग्राफिकल कोऑर्डिनेट्स) पर सहमत हो चुके हैं। संयुक्त बयान की समीक्षा और मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
यदि कोई बाहरी पक्ष इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता है तो संयुक्त बयान जल्द जारी किया जा सकता है। यह बयान दोनों देशों के बीच हुई वार्ताओं में सहमत प्रमुख बिंदुओं और विचारों पर आधारित होगा, हालांकि इस समझौते की स्थिति को लेकर ओमान की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।
तस्त्रीम न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईरान, अपने नियंत्रण वाले शिपिंग लेन के माध्यम से खाड़ी में प्रवेश करने वाले समुद्री यातायात की निगरानी करेगा। साथ ही बाहर जाने वाले जहाजों पर भी उसकी नजर रहेगी और सुरक्षा तथा नौवहन की रक्षा के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करने का अधिकार भी उसके पास होगा।
--आईएएनएस
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