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ईरान संघर्ष से बढ़ी महंगाई अस्थायी, जल्द कम होंगी कीमतें: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट

वॉशिंगटन, 5 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों का बचाव किया। बढ़ती ईंधन और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को लेकर हो रही आलोचना के बीच उन्होंने लॉमेकर्स से कहा कि ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण बढ़ी महंगाई अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने पर कीमतें फिर कम हो जाएंगी।
ईरान संघर्ष से बढ़ी महंगाई अस्थायी, जल्द कम होंगी कीमतें: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट

वॉशिंगटन, 5 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को अर्थव्यवस्था को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों का बचाव किया। बढ़ती ईंधन और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को लेकर हो रही आलोचना के बीच उन्होंने लॉमेकर्स से कहा कि ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण बढ़ी महंगाई अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने पर कीमतें फिर कम हो जाएंगी।

यह मुद्दा प्रतिनिधि सभा की वेज एंड मीन्स समिति की लंबी और कई बार तीखी सुनवाई के दौरान बार-बार उठा। डेमोक्रेटिक लॉमेकर्स ने आरोप लगाया कि ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण ईंधन, घरेलू खर्च और महंगाई बढ़ी है, जिससे अमेरिकी परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

बेसेंट ने माना कि इस संघर्ष का असर ऊर्जा बाजारों पर पड़ा है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव स्थायी नहीं होगा। उन्होंने कहा, ''ईरान संघर्ष के कारण कीमतों में अल्पकालिक बढ़ोतरी हुई है, जो समय के साथ कम हो जाएगी।''

वित्त मंत्री ने कहा कि हालिया मूल्य वृद्धि के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है और इसके समर्थन में रोजगार वृद्धि, निजी क्षेत्र में निवेश और वेतन बढ़ने का हवाला दिया।

हालांकि डेमोक्रेटिक प्रतिनिधियों ने इस दावे पर सवाल उठाए। समिति में शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य रिचर्ड नील ने कहा कि परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने बढ़ती कीमतों के लिए टैरिफ और ईरान संघर्ष दोनों को जिम्मेदार ठहराया।

कई डेमोक्रेटिक लॉमेकर्स ने बढ़ती ईंधन कीमतों को खराब होती आर्थिक स्थिति का संकेत बताया। जुडी चू ने कहा कि अमेरिकी नागरिक अब भी पेट्रोल, किराने के सामान और घरेलू वस्तुओं के लिए ज्यादा कीमत चुका रहे हैं। वहीं ब्रेंडन बॉयल ने अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीके को लेकर जनता में बढ़ती नाराजगी का उल्लेख किया।

जॉन लार्सन ने बेसेंट से पूछा कि क्या इस संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं। इस पर बेसेंट ने जवाब दिया, ''जी हां, संघर्ष की वजह से कीमतें बढ़ीं।'' हालांकि उन्होंने दोहराया कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है और व्यापक महंगाई की स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है।

उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति ट्रंप के पद संभालने के बाद से कोर महंगाई दर में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई है।''

बेसेंट ने ईरान संघर्ष को लेकर प्रशासन की व्यापक नीति का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है और इसके लिए अल्पकालिक आर्थिक परेशानियां स्वीकार की जा सकती हैं।

लॉमेकर्स के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने की अनुमति दी जाती, तो अमेरिकी नागरिकों को कहीं अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि ऊर्जा बाजार पहले ही खुद को नई परिस्थितियों के अनुसार ढालना शुरू कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, ''कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है और पेट्रोल की कीमतें आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतों का ही अनुसरण करती हैं।''

यह सुनवाई से स्पष्ट हो रहा है कि ईरान संघर्ष के आर्थिक प्रभाव अब वॉशिंगटन में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुके हैं। रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन की नीति का समर्थन किया, जबकि डेमोक्रेटिक नेताओं का कहना है कि इसकी आर्थिक कीमत आम अमेरिकी नागरिकों को अधिक महंगाई और धीमी आर्थिक वृद्धि के रूप में चुकानी पड़ रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/एएस

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