ईरान के आत्मसमर्पण में लगेगा समय, उसे टेरर प्रॉक्सी का मिला समर्थन: शोश बेड्रोसियन
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विदेशी मीडिया ऑफिस की विशेषज्ञ शोश बेड्रोसियन ने कहा कि इजरायली और अमेरिकी सेनाएं ईरान के सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से लक्ष्य बना रही हैं। इसका मकसद खतरों को बेअसर करना है। उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों के लिए बेहतर हालात बनाना है। बेड्रोसियन ने कभी न खत्म होने वाली लड़ाई के बजाय समय पर कोशिश करने पर जोर दिया।
ईरान की ओर से इजरायल पर किए जा रहे हमले पर आईएएनएस के साथ बातचीत में शोश बेड्रोसियन ने कहा, "वे पिछले एक हफ्ते से इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहे हैं। मुझे लगता है कि सेंट्रल इजरायल इलाके में छह से सात से ज्यादा अलग-अलग सायरन बजे थे और हमें अपने आम लोगों की रक्षा करनी है। इजरायल की सेना अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम कर रही हैं ताकि यह पक्का हो सके कि अयातुल्लाह शासन के पास अब ये काबिलियत न रह जाए।"
राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले कहा कि ईरान की नेवी, एयरफोर्स और एयर डिफेंस सिस्टम खत्म हो गए हैं। ऐसे में ईरान के आत्मसमर्पण को लेकर उन्होंने कहा, "इसमें काफी समय लगेगा और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह बात शुरू से ही कही है कि इसमें समय लगेगा क्योंकि अयातुल्ला शासन पूरे ईरान में है। यह कोई छोटा देश नहीं है बल्कि यह नौ करोड़ लोगों का देश है। खामनेई शासन ने अपनी आबादी का इस्तेमाल आतंकवाद पैदा करने के लिए किया और उन्होंने इसे पूरी दुनिया में फैला दिया है।
उन्होंने कहा कि वे आजादी की मांग कर रहे हैं लेकिन जब वे आजादी की मांग करते हैं, तो उन्हें कुचल दिया जाता है। उनकी अपनी सरकार द्वारा सड़क पर उनकी हत्या कर दी जाती है। यह कभी न खत्म होने वाला युद्ध नहीं होगा। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह साफ कर दिया है कि इसमें कुछ समय लग सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी यही बात कही है।
शोश बेड्रोसियन ने कहा, "खामनेई शासन पूरे ईरान में फैला हुआ है और ईरानी लोगों के लिए खड़े होकर अपना भविष्य तय करना व लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराने में कुछ समय लगेगा। हमें बैलिस्टिक मिसाइल के खतरे को खत्म करना होगा। वहीं, न्यूक्लियर खतरे को भी खत्म करना होगा और हम इसी पर काम कर रहे हैं।"
ईरान को किसी दूसरे देश से मिल रही मदद को लेकर बेड्रोसियन ने कहा, "ईरान को उनके टेरर प्रॉक्सी का सहारा है और उनके टेरर प्रॉक्सी इजरायल को घेरे हुए हैं। गाजा में हमास व यमन के अंदर हूती और अब हमारे उत्तरी बॉर्डर पर व लेबनान के दक्षिण में हिज्बुल्लाह है। इस्लामिक रिपब्लिक उन्हें आर्थिक और हथियारों से सपोर्ट करता है। वे उन्हें ट्रेनिंग देते हैं।"
उन्होंने कहा कि ये टेरर प्रॉक्सी है जो इजरायल को एक ही वजह से घेरे हुए है। हमारे नागरिकों को मारना और यहूदी देश को खत्म करना उनका उद्देश्य है। उन्होंने न केवल आतंकवाद पैदा किया है बल्कि अमेरिकियों, इजरायलियों के साथ ही भारतीयों को भी इसी तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा है। हम सालों से इसका विरोध करते आ रहे हैं और खामनेई के शासन का पूरी तरह अंत करेंगे।
--आईएएनएस
केके/पीयूष

