ईरान ने इजराइल पर 83वीं स्ट्राइक का किया दावा, फुटेज में देंखे मिसाइलों पर लिखे गए ‘थैंक्यू इंडिया’ समेत कई देशों के संदेश
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच एक बार फिर बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर कहा जा रहा है कि Iran ने Israel पर अपनी कथित 83वीं मिसाइल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। इस हमले को लेकर सबसे अधिक चर्चा उस दावे को लेकर हो रही है जिसमें कहा गया है कि ईरान ने इस बार मिसाइलों पर “थैंक्यू इंडिया” लिखा हुआ भेजा।सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर ईरानी सैनिकों को मिसाइलों पर “Thank You People of India” लिखते हुए देखा जा सकता है। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके अलावा यह भी दावा किया जा रहा है कि इसी तरह के संदेश Spain, Pakistan और Germany के लिए भी लिखे गए हैं, जो कथित तौर पर विभिन्न देशों के प्रति आभार जताने का प्रतीक हैं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में कहा गया है कि यह कार्रवाई “83वीं स्ट्राइक” थी, जिसमें लंबी दूरी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं हो सकी है।रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कथित हमले में न केवल इजराइल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले का दावा किया गया है। इन दावों के बीच क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
इसी बीच बहरीन से जुड़े एक दावे ने भी ध्यान खींचा है। कहा जा रहा है कि बहरीन में स्थित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े एक ठिकाने पर भी हमला किया गया। हालांकि इस घटना को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह क्षेत्रीय तनाव को और अधिक बढ़ा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संयम बरतने की अपील की जा रही है।फिलहाल, इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, लेकिन विभिन्न सरकारों और स्वतंत्र एजेंसियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, सैन्य गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

