ईरान-चीन ने नई दिल्ली में की द्विपक्षीय बैठक, शहरी विकास और हरित तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स फोरम का आयोजन किया गया। ब्रिक्स फोरम से इतर ईरान और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने शहरी विकास, आवास निर्माण और सतत विकास के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
इस बैठक में ईरान के सड़क एवं शहरी विकास मंत्रालय के उपमंत्री डॉ. गुलामरेजा काजेमियन और चीन के आवास एवं शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय के उपमंत्री ने विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आधुनिक आवास परियोजनाओं और पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
बैठक के दौरान चीन ने सतत और स्मार्ट शहरी विकास के क्षेत्र में अपनी सफल पहलों और मॉडलों की जानकारी दी। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने मानव-केंद्रित वास्तुकला (ह्यूमन-सेंटर्ड आर्किटेक्चर) और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए अपने शहरी विकास अनुभवों को सामने रखा। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के शहरों के निर्माण में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय आवश्यकताओं और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दोनों देशों के बीच हुई इस बातचीत के दौरान, विशेष रूप से हरित और टिकाऊ तकनीकों (ग्रीन एंड सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी) के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने ब्रिक्स ढांचे के भीतर बड़े पैमाने पर आवास निर्माण और शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग बढ़ाए जाने पर सहमति जताई।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचा सहयोग को नई दिशा देने की कोशिशें तेज हो रही हैं। शहरीकरण और आवास विकास आज अधिकांश उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौतियां हैं, ऐसे में सदस्य देशों के बीच अनुभवों और तकनीकों का साझा उपयोग इन चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैठक के आखिर में दोनों पक्षों ने शहरी विकास, निर्माण तकनीक, आवास नीति और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर भी सहमति जताई कि ब्रिक्स मंच सदस्य देशों के बीच ज्ञान, नवाचार और तकनीकी समाधान साझा करने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य कर सकता है। इस बैठक को ब्रिक्स सहयोग के दायरे में ईरान और चीन के बढ़ते रणनीतिक संबंधों का एक और महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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