ईरान और अमेरिका के सीजफायर में भारत ने बड़ी भूमिका निभाई: साक्षी महाराज
लखनऊ, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्ष विराम और इस संघर्ष में भारत की स्थिति पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि भारत की स्थिति तो उसी दिन बहुत ऊंचाइयों पर पहुंच गई थी, जिस दिन भारतीय तिरंगे के नीचे देश में गैस और तरल संसाधन आने शुरू हो गए थे और ईरान ने भारत का नाम अपने मित्र देश के तौर पर लिया था।
भाजपा सांसद ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री, और रक्षा मंत्री राजनाथ ने खुले तौर पर कहा था कि भारत में डीजल, पेट्रोल और गैस की कोई कमी नहीं है। सीजफायर हो गया है तो आज यह बात पक्की हो गई है। मैं ऐसा मानता हूं, और इसमें भारत ने भी एक बड़ी भूमिका निभाई है। संकटकाल में भी भारत पर कोई संकट नहीं आया है, इसलिए मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहूंगा। मैं उनके प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगा। संकट के समय में भी भारत में कोई संकट नहीं आया। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है।
उन्होंने कहा कि भारत निष्पक्ष है और उस संस्कृति में विश्वास रखता है, जिसमें हम सबको अपना मानते हैं, इसीलिए हम निष्पक्ष रहे। हमें अपनी निष्पक्षता का फल मिलता रहा। यही मोदी की महानता है। सबसे बड़ी बात यह है कि हमने युद्ध को बढ़ने नहीं दिया। अब हमने उसका अंत देख लिया है। इसके लिए पूरे भारत को पीएम मोदी का धन्यवाद करना चाहिए।
संघ प्रमुख मोहन भागवत के मथुरा दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि वे दिन-रात काम कर रहे हैं। यह संगठन ऐसा है कि इंदिरा गांधी ने भी संघ की तारीफ की थी कि चाहे कुछ भी हो जाए, संघ की राष्ट्रभक्ति पर कोई शक नहीं हो सकता। मोहन भागवत चाहे वृंदावन हो, मथुरा हो, काशी हो, या अयोध्या हो, अटक से कटक तक, कन्याकुमारी से कश्मीर तक, पूरे भारत में वे कहीं भी जा सकते हैं। उनका स्वागत और सम्मान होता है और वे अपने लिए नहीं जी रहे हैं। उनकी यात्रा और उनका जीवन राष्ट्र के लिए है, इसलिए ऐसे महापुरुषों का सम्मान होना चाहिए।
महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा सांसद ने कहा कि 16 अप्रैल से सत्र बुलाया गया है। पीएम मोदी अपने वादे निभाते हैं। मुझे लगता है कि इन तीन दिनों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण वाला प्रस्ताव पास हो जाएगा।
दूसरी ओर विपक्ष की हालत तो ऐसी है कि 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा'। राजनीति मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए। उन्हें महिलाओं के सम्मान में खड़ा होना चाहिए।
--आईएएनएस
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