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ईरान-अमेरिका तनाव की वजह से आर्थिक संघर्षों को सुलझाने में अफ्रीकी देशों की मदद करने को तैयार चीन

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका में भीषण तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मोजाम्बिक के राष्ट्रपति डेनियल चैपो की मेजबानी की। इस दौरान राष्ट्रपति शी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के बीच चल रहे भीषण तनाव की वजह से जो आर्थिक उथल-पुथल मची है, उससे निपटने में चीन अफ्रीकी देशों की मदद करने के लिए तैयार है।
ईरान-अमेरिका तनाव की वजह से आर्थिक संघर्षों को सुलझाने में अफ्रीकी देशों की मदद करने को तैयार चीन

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका में भीषण तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मोजाम्बिक के राष्ट्रपति डेनियल चैपो की मेजबानी की। इस दौरान राष्ट्रपति शी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के बीच चल रहे भीषण तनाव की वजह से जो आर्थिक उथल-पुथल मची है, उससे निपटने में चीन अफ्रीकी देशों की मदद करने के लिए तैयार है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव शुरू होने के बाद किसी अफ्रीकी नेता का पहला दौरा है। मई में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। ऐसे में अमेरिकी मीडिया सीएनएन का दावा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे से पहले शी जिनपिंग विदेशी नेताओं के साथ लगातार मीटिंग कर रहे हैं।

यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अफ्रीकी देश इस्वातिनी का अपना दौरा रद्द करना पड़ा, क्योंकि आसपास के कई देश चीन के दबाव में ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस रद्द कर रहे थे।

अफ्रीकी देश फ्यूल, खाने और फर्टिलाइजर के इंपोर्ट पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से अफ्रीकी देश पर वैश्विक आर्थिक संकट का असर ज्यादा होने की उम्मीद है।

शी ने मंगलवार को चैपो के साथ मीटिंग में कहा, “ग्लोबल साउथ, जिसका रिप्रेजेंटेशन चीन और अफ्रीका करते हैं, उथल-पुथल वाली दुनिया में लगातार न्याय के लिए एक ताकत रहा है।”

शी ने अफ्रीकी देशों पर ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के असर को माना और वादा किया कि चीन इन चुनौतियों से निपटने, शांति को बढ़ावा देने और साथ मिलकर विकास करने के लिए अफ्रीकी देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

बीजिंग ने फरवरी में घोषणा की थी कि वह व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए 1 मई से 53 अफ्रीकी देशों से सभी इम्पोर्ट के लिए जीरो-टैरिफ स्कीम लागू करेगा।

चीन की इस स्कीम से एकमात्र अफ्रीकी देश इस्वातिनी बाहर रखा गया। इस्वातिनी एक लैंडलॉक्ड देश है और इसका ताइवान के साथ डिप्लोमैटिक संबंध है, लेकिन चीन के साथ नहीं है। दरअसल, चीन की पूरी नजर ताइवान पर है और वह लगातार इस बात को दोहराता रहा है कि आज नहीं तो कल इसे बीजिंग में शामिल होना होगा। हालांकि, ताइवान हमेशा से इस बात का विरोध करता रहा है।

लैंडलॉक्ड देश (भू-आबद्ध) ऐसे संप्रभु राष्ट्र को कहा जाता है, जो चारों तरफ से जमीन से घिरे होते हैं और जिनकी सीमा किसी खुले महासागर या समुद्र से नहीं लगती है। ताइवान ने मंगलवार को कहा कि लाई का विदेश दौरा कैंसिल कर दिया गया है क्योंकि सेशेल्स, मेडागास्कर और मॉरिशस ने लाई की फ्लाइट को अपने एयर स्पेस से गुजरने की मंजूरी वापस ले ली है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

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