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ईरान-अमेरिका हमलों के बाद पहली बार जापानी और फ्रांस के जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट से किया ट्रांजिट

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस टैंकर की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज से जहाजों का ट्रांजिट पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में है। जापानी मीडिया के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों के बीच फ्रांस, ओमान और जापान के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक निकले हैं।
ईरान-अमेरिका हमलों के बाद पहली बार जापानी और फ्रांस के जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट से किया ट्रांजिट

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस टैंकर की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज से जहाजों का ट्रांजिट पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में है। जापानी मीडिया के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों के बीच फ्रांस, ओमान और जापान के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक निकले हैं।

'द जापान टाइम्स' ने बताया कि शिप ट्रैकिंग कंपनी मरीन ट्रैफिक की वेबसाइट के मुताबिक, दोनों जहाज गुरुवार को पार कर गए। तीन टैंकर, जिसमें एक जापानी कंपनी का को-ओनरशिप वाला भी शामिल है, गुरुवार को दक्षिणी रास्ते से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए।

'द जापान टाइम्स' के अनुसार, दूसरे देश जिनके जहाजों ने ट्रांजिट की, वे संयुक्त अरब अमीरात, चीन, भारत, सऊदी अरब, ओमान, ब्राजील और इराक हैं। आंकड़ों से यह साफ नहीं था कि तेहरान ने कितने जहाजों के ट्रांजिट की मंजूरी दी थी, लेकिन इससे पता चला कि माल ले जाने वाले 118 जहाजों में से 37 गल्फ से कच्चा तेल लेकर निकले थे।

इनमें से अधिकांश तेल टैंकर करीब 30 या तो ईरान से आए थे या ईरानी झंडे के तहत संचालित हो रहे थे। वहीं, ईरानी तेल ले जाने वाले ज्यादातर जहाजों ने अपने ट्रांसपोंडर पर गंतव्य स्थान की जानकारी साझा नहीं की थी। जिन लोगों ने ऐसा किया, उनमें से एक को छोड़कर सभी ने बताया कि वे चीन जा रहे थे।

'द जापान टाइम्स' ने बताया कि ट्रांसपोंडर डाटा से पता चला कि दर्जनों जहाज चीनी क्रू या चीनी मालिक से संबंधित मैसेज उस जगह पर ब्रॉडकास्ट कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स में बीते दिन यह बताया गया था कि ईरान होर्मुज से जहाजों के ट्रांजिट के लिए शुल्क लगा रहा है। फ्रांस के जहाज को होर्मुज से गुजरने की इजाजत कैसे दी गई, इसे लेकर को जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि ईरान ने कुछ दूसरे जहाजों को भी जाने दिया है। ये जहाज उन देशों से हैं जिन्हें वह दोस्त मानता है, जैसे भारत, जापान, थाईलैंड, ग्रीस, मलेशिया, चीन, पाकिस्तान और इराक।

अमेरिका, इजरायल, ब्रिटेन और दूसरे देशों के झंडे वाले या उनसे जुड़े हुए जहाजों को होर्मुज से गुजरने नहीं दिया जा रहा है। इन्हें ईरान अपना दुश्मन मानता है, क्योंकि वे तेहरान की नजर में किसी न किसी तरह से उन पर हमला करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

आम तौर पर होर्मुज की खाड़ी से दोनों दिशाओं में लगभग 100 जहाज उस इलाके से गुजरते हैं। फिलहाल जिस तरह के हालात बन गए हैं, उसमें यह मुश्किल हो गया है। अंदाजा है कि 2,000 से 3,000 जहाज पीछे फंसे हुए हैं, जो गुजर नहीं पा रहे हैं।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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