आईपीएल नहीं, भारत के लिए खेलना सबसे बड़ा लक्ष्य: शिवांग कुमार
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। सनराइजर्स हैदराबाद और मध्य प्रदेश के बॉलिंग ऑलराउंडर शिवांग कुमार ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के लिए खेलना (इंडिया कैप हासिल करना) अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बताया है।
बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर शिवांग ने आईपीएल 2026 में 13 मैचों में 9 विकेट लिए और हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और फिर श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम के साथ नेट बॉलर के तौर पर जुड़े थे। हालांकि, भारत के लिए खेलना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है। 'क्रिकइन्फो' के अनुसार, उन्होंने कहा, "अच्छा लगता है, लेकिन अभी मैं इस बात पर ज्यादा नहीं सोच रहा कि मैंने आईपीएल में खेला है और भारत के लिए नेट बॉलर रहा हूं - आईपीएल में खेलने वाला हर खिलाड़ी अपने राज्य या देश के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक होता है, इसीलिए आईपीएल दुनिया की सबसे अच्छी लीग है।"
शिवांग ने आगे कहा, "वहां जाकर अच्छा प्रदर्शन करने की बात को पूरी तरह समझने में अभी थोड़ा समय लग रहा है। हालांकि, आईपीएल सबसे बड़ा लक्ष्य नहीं है। भारत के लिए खेलना ही सबसे बड़ा लक्ष्य है। अभी लंबा सफर तय करना है, बहुत क्रिकेट खेलना बाकी है। यह तो बस पहला सीजन था, और यह सिर्फ शुरुआत थी।"
शिवांग सनराइजर्स हैदराबाद के प्री-सीजन कैंप में गए थे और उन्हें तुरंत ही संकेत मिल गया था कि वह आईपीएल 2026 में टीम के रेगुलर खिलाड़ी होंगे। सनराइजर्स हैदराबाद के अपने अनुभव के बारे में शिवांग ने कहा, "मुझे प्री-सीजन कैंप के पहले दिन से ही संकेत मिल गए थे कि मैं पहले मैच से ही प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनूंगा। कोच मेरे साथ रणनीतियों पर चर्चा कर रहे थे, मेरी बॉलिंग के लिए अलग-अलग स्थितियां बना रहे थे और यहां तक कि मुझसे कह रहे थे, 'तुम हमारे विकेट लेने वाले गेंदबाज हो।' मैंने प्रैक्टिस मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए मुझे पता था कि मुझे मौका मिलेगा। पहले मैच में तो मौका नहीं मिला, लेकिन दूसरे मैच से मैं रेगुलर हो गया।"
शिवांग के आईपीएल करियर की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी। हालांकि, पंजाब किंग्स के खिलाफ अपने तीसरे मैच में उन्होंने अहम विकेट लिए। शिवांग ने कहा, "टीम मैनेजमेंट बहुत सकारात्मक था और उन्हें भरोसा था कि मैं अच्छा करूंगा। उनके भरोसे की वजह से मुझमें भी यह विश्वास जागा कि मैं इस लेवल पर भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं। एक नए खिलाड़ी को आगे बढ़ने और अपना बेस्ट देने के लिए ठीक ऐसे ही माहौल की जरूरत होती है। यह जादू की तरह काम करता है और आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इस साल मैंने जितना हो सका, उतना अच्छा किया और उम्मीद है कि अगले साल और भी बेहतर करूंगा।"
उन्होंने हेड कोच डैनियल विटोरी और बॉलिंग कोच वरुण एरोन से मिले सपोर्ट के बारे में भी बात की। विटोरी के बारे में उन्होंने कहा, "खुद एक स्पिनर होने के नाते विटोरी एक बॉलर की सोच को समझते हैं। कभी-कभी, जब मैं कुछ मैचों में ज़्यादा रन देता था और मुझे विकेट नहीं मिलते थे, तो वे स्ट्रैटेजिक टाइम-आउट के दौरान मेरे पास आते थे और कहते थे, 'तुम अच्छी बॉलिंग कर रहे हो, अच्छी गेंदों पर भी छक्के लग सकते हैं, इसलिए इसके बारे में ज्यादा मत सोचो।' उस सपोर्ट का बहुत मतलब था, जिससे मुझे लगा कि मैं वापसी कर सकता हूं।"
वरुण के सपोर्ट के बारे में शिवांग ने कहा, "अगर मैं किसी मैच में अच्छी बॉलिंग नहीं कर पाता था या अधिक रन दे देता था, तो वरुण मुझे कभी निराश महसूस नहीं होने देते थे। उन दिनों वे मुझसे बहुत अच्छे और सकारात्मक शब्दों में बात करते थे और कहते थे, 'तुम अभी अपनी क्षमता के सिर्फ 50 प्रतिशत पर बॉलिंग कर रहे हो, तुम इससे कहीं बेहतर कर सकते हो।' जब कोई ऐसा खिलाड़ी, जिसने टेस्ट क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व किया हो, आपसे ऐसी बातें कहता है, तो इससे आपको बहुत हिम्मत मिलती है।"
शिवांग अपनी खास लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी भी उन्हें एक अलग पहचान देती है। सनराइजर्स हैदराबाद में उन्हें बल्लेबाजी के ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग में उन्होंने 180.22 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाकर अपनी क्षमता दिखाई है।
शिवांग का कहना है कि वह दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि वह सिर्फ गेंदबाज ही नहीं, बल्कि एक अच्छे बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने बताया, "मैंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत एक बल्लेबाज के तौर पर की थी। सनराइजर्स हैदराबाद की बल्लेबाजी लाइन-अप इतनी मजबूत है कि मुझे बल्लेबाजी का मौका कम मिलता है। हालांकि, टीम मेरी बल्लेबाजी की क्षमता को अच्छी तरह जानती है और मुझे लगातार प्रोत्साहित करती है।"
--आईएएनएस
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