Samachar Nama
×

आईपीएल 2026: एसएलसी के खिलाफ नुवान तुषारा ने एनओसी का केस वापस लिया

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में खेलने के लिए जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं मिलने के मामले में श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के खिलाफ दायर अपनी कानूनी चुनौती वापस ले ली है। यह मामला कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था।
आईपीएल 2026: एसएलसी के खिलाफ नुवान तुषारा ने एनओसी का केस वापस लिया

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में खेलने के लिए जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं मिलने के मामले में श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के खिलाफ दायर अपनी कानूनी चुनौती वापस ले ली है। यह मामला कोलंबो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था।

बुधवार को तुषारा के वकील जीजी अरुलप्रगासम ने अदालत को बताया कि तेज गेंदबाज अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। आईपीएल सीजन का बड़ा हिस्सा बीत जाने के कारण याचिकाकर्ता ने आवेदन वापस लेने की अनुमति मांगी है।

'श्रीलंका मिरर' की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने इसके बाद यह अनुरोध स्वीकार कर लिया और याचिका खारिज कर दी।

इससे पहले, तुषारा ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर एक अंतरिम निर्देश की मांग की थी, ताकि एसएलसी को उन्हें जरूरी मंजूरी देने के लिए बाध्य किया जा सके। बोर्ड ने आईपीएल 2026 के लिए एनओसी जारी करने से इनकार कर दिया था। इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ एक अनुबंध हासिल किया था और वह लगातार तीसरे सीजन में इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए तैयार थे। इससे पहले भी उन्होंने बोर्ड की मंजूरी से ही इसमें हिस्सा लिया था।

यह विवाद एसएलसी के उस फैसले से शुरू हुआ था, जिसमें बोर्ड ने फिटनेस के आधार पर एनओसी रोक दी थी। बोर्ड ने कथित तौर पर यह तर्क दिया था कि तेज गेंदबाज जरूरी फिटनेस मानकों को पूरा करने में असमर्थ हैं। हालांकि, तुषारा ने अपनी याचिका में इस तर्क का खंडन करते हुए कहा था कि उनकी शारीरिक स्थिति वैसी ही है, जैसी पिछले सीजनों में थी, जब उन्हें विदेशी लीगों में खेलने की मंजूरी दी गई थी।

यह भी बताया गया कि बोर्ड के साथ उनका केंद्रीय अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाला था, और उन्होंने पहले ही यह फैसला बोर्ड को बता दिया था कि वे इसे आगे नहीं बढ़ाएंगे। याचिका के अनुसार, अब वे राष्ट्रीय टीम की तत्काल योजनाओं का हिस्सा नहीं थे, जिसके चलते एनओसी देने से इनकार करना तर्कहीन प्रतीत होता था।

याचिका में इस फैसले के पेशेवर और आर्थिक परिणामों पर भी जोर दिया गया। इसमें कहा गया कि मंजूरी न मिलने की स्थिति में आईपीएल में उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को लिया जा सकता था। इससे वैश्विक टी20 प्रतियोगिताओं में उनके भविष्य पर भी बुरा असर पड़ सकता था।

तुषारा ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी, ताकि एनओसी के लिए उनकी पात्रता की पुष्टि हो सके और बोर्ड को विदेशी लीगों में उन्हें खेलने की अनुमति देने का निर्देश दिया जा सके। हालांकि, टूर्नामेंट पहले ही शुरू हो चुका है, इसलिए इस तेज गेंदबाज ने अब कानूनी रास्ता न अपनाने का फैसला किया है, जिससे यह मामला फिलहाल के लिए खत्म हो गया है।

--आईएएनएस

आरएसजी

Share this story

Tags