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इंदौर में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, एकजुटता और अनुशासन का दिखा संगम

इंदौर में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, एकजुटता और अनुशासन का दिखा संगम
इंदौर में आरएसएस का भव्य पथ संचलन, एकजुटता और अनुशासन का दिखा संगम

इंदौर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इंदौर में बस्ती स्तर पर पथ संचलन किया गया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस पथ संचलन में विभिन्न बस्तियों से बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों का अनुशासन, एकजुटता और अद्भुत कदमताल देखने को मिला।

पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों से अनुशासित तरीके से निकले। सभी स्वयंसेवक एक पंक्ति में कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए। इस दौरान भगवा ध्वज को गुरु मानकर संघ की परंपरा के अनुसार स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया। शहर की विभिन्न बस्तियों में निकले संचलन के दौरान वातावरण संघमय नजर आया। पथ संचलन में ध्वनि घोष दल भी शामिल रहे। घोष की धुनों के बीच एक समान कदमताल करते स्वयंसेवकों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

स्वयंसेवकों की अनुशासित कतारें और एक साथ उठते कदम आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहे। विभिन्न बस्तियों में स्थानीय स्तर पर पथ संचलन के आयोजन किए गए, जिनमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इस वर्ष के आयोजनों का विशेष महत्व रहा। विजयादशमी पर पथ संचलन संघ की प्रमुख परंपराओं में शामिल है। इसके माध्यम से स्वयंसेवक अनुशासन, संगठन और सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हैं। इंदौर में चार जिलों की विभिन्न बस्तियों में आयोजित पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की भागीदारी और सामूहिक कदमताल देखने को मिला। भगवा ध्वज के मार्गदर्शन में निकले इस संचलन ने संघ की शताब्दी वर्ष की गतिविधियों को विशेष स्वरूप दिया।

मुख्य अतिथि जगदीश गोयल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पथ संचलन देखकर मुझे बहुत खुशी है। इस पथ संचलन से पता चलता है कि 100 साल पुरानी परंपरा को स्वयंसेवक आज भी निभा रहे हैं। स्वयंसेवक बहुत ही अनुशासित रहते हैं, जिनसे सभी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।"

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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