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मध्य प्रदेश: इंदौर के सनावदिया गांव में तेंदुए का सफल रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा गया

इंदौर, 31 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित सनावदिया गांव में वन विभाग की टीम ने एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़कर उसके रेस्क्यू का अभियान पूरा किया।
मध्य प्रदेश: इंदौर के सनावदिया गांव में तेंदुए का सफल रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा गया

इंदौर, 31 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित सनावदिया गांव में वन विभाग की टीम ने एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़कर उसके रेस्क्यू का अभियान पूरा किया।

पिछले कुछ दिनों से ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी थी कि एक तेंदुआ क्षेत्र में बार-बार आ रहा है और बकरियों का शिकार कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुए ने अब तक 5 से 7 बकरियों का शिकार किया था। इस सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया।

पकड़ने के बाद टीम ने तेंदुए की जांच की और उसे जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। वन विभाग के रेंजर योगेश यादव ने बताया कि तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से लगातार ग्रामीण क्षेत्र में आ रहा था। अच्छी बात यह है कि तेंदुए ने किसी भी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचाया और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, उसने 5 से 7 बकरियों का शिकार जरूर किया था। रेंजर के अनुसार, तेंदुए की उम्र लगभग 5 साल के आसपास है। संभवतः जंगल में शिकार की कमी या अन्य कारणों से वह गांव की ओर आ गया था।

वन विभाग की टीम ने पूरे अभियान में सतर्कता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा। रेस्क्यू के दौरान तेंदुए को बेहद सावधानी से पकड़ा गया, ताकि न तो उसे चोट लगे और न ही कोई खतरा हो। टीम ने गांव वालों से भी सहयोग मांगा और उन्हें सलाह दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति में तुरंत सूचना दें। रेंजर योगेश यादव ने कहा कि तेंदुआ जंगल का हिस्सा है और उसकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। ग्रामीणों को भी जागरूक रहने की जरूरत है, ताकि इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव कम हो सके।

यह रेस्क्यू ऑपरेशन वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया और कुशलता का अच्छा उदाहरण है। सनावदिया गांव के लोगों ने वन विभाग की टीम की सराहना की और कहा कि इससे अब क्षेत्र में चिंता कम हुई है। वन विभाग ने आश्वासन दिया कि अगर भविष्य में कोई वन्यजीव गांव में आएगा तो उसी तरह सुरक्षित रेस्क्यू किया जाएगा। यह घटना इंसान और जंगली जानवरों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को भी दर्शाती है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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