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इंडोनेशिया में दोस्ती मजबूत करने पहुंचा नौसेना का फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना व तटरक्षक बल के समुद्री जहाजों ने इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। यहां भारत के इन समुद्री जहाजों की यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती दी। इस यात्रा के अंतर्गत भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन हाल ही में इंडोनेशिया के बेलावन बंदरगाह पहुंचा था।
इंडोनेशिया में दोस्ती मजबूत करने पहुंचा नौसेना का फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना व तटरक्षक बल के समुद्री जहाजों ने इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। यहां भारत के इन समुद्री जहाजों की यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती दी। इस यात्रा के अंतर्गत भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन हाल ही में इंडोनेशिया के बेलावन बंदरगाह पहुंचा था।

इस दौरे का मकसद भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करना और आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाना था। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि नौसेना के इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, शार्दुल, सुजाता शामिल रहे। वहीं भारतीय तटरक्षक बल का समुद्री जहाज आईसीजीएस सारथी इस यात्रा में शामिल रहा।

तीन दिन की इस यात्रा के दौरान भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेनाओं के बीच कई तरह की गतिविधियां हुईं। दोनों देशों के नौसैनिकों ने आपस में बातचीत की, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और खेलकूद के जरिए दोस्ती को नई ऊंचाइयां दी गई।

प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन टीजो के. जोसेफ ने यहां इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, सहयोग और क्षेत्रीय हितों जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इंडोनेशिया में एक विशेष स्वागत समारोह भी रखा गया, जिसमें इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और भारत के वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। यह मौका आपसी समझ और भरोसे को और गहरा करने का रहा।

भारतीय नौसेना के प्रशिक्षु अधिकारियों को इंडोनेशियाई नौसेना की सुविधाएं दिखाई गईं, ताकि वे वहां के कामकाज को करीब से समझ सकें। इसके अलावा, दोनों देशों के नौसैनिकों ने साथ मिलकर कई खेल खेले और योग भी किया, जिससे आपसी तालमेल और भाईचारा और मजबूत हुआ। वहीं, इस दौरान भारतीय जहाजों को इंडोनेशियाई स्कूली बच्चों के लिए खोला गया। छात्रों ने भारतीय जहाजों को देखकर काफी उत्साह दिखाया और यह दौरा उनके लिए यादगार बन गया।

कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम रही। इससे न सिर्फ भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते मजबूत हुए, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और सहयोग का संदेश भी गया।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

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