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कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र की हार्ट अटैक से मौत, गांव में शोक की लहर

कनाडा में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र की हार्ट अटैक से मौत, गांव में शोक की लहर

विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे एक भारतीय छात्र की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई है। यह दुखद घटना कनाडा में हुई, जहां छात्र अपनी पढ़ाई के लिए रह रहा था। मौत की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक छात्र की पहचान चक 8 क्यू, ग्राम पंचायत संगतपुरा निवासी के रूप में हुई है। वह कुछ समय पहले ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कनाडा गया था। बताया जा रहा है कि छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट-टाइम काम भी कर रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। इसके बाद उसे तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि मौत का कारण हार्ट अटैक (हृदयाघात) प्रतीत हो रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

घटना की सूचना मिलते ही भारत में परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजन बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि इतनी कम उम्र में उनके बेटे के साथ ऐसा कैसे हो गया। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में परिजनों के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक छात्र पढ़ाई में काफी होनहार था और उसका सपना विदेश में अच्छी नौकरी पाने का था। परिवार ने काफी उम्मीदों और मेहनत के साथ उसे विदेश पढ़ने भेजा था। लेकिन इस अचानक हुई घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

स्थानीय प्रशासन और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। गांव के लोगों ने सरकार से मांग की है कि मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव में किया जा सके।

कनाडा में मौजूद भारतीय दूतावास से भी संपर्क की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर शव को भारत भेजा जा सके। दूतावास की ओर से आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया में मदद किए जाने की संभावना है।

इस घटना ने एक बार फिर विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में पढ़ाई के दौरान तनाव, अकेलापन और जीवनशैली में बदलाव कई बार स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

फिलहाल परिवार अंतिम संस्कार के लिए बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और हर आंख नम है। यह घटना क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा बनकर सामने आई है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

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