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रेलवे 2026 में 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करेगा, सुरक्षा बढ़ाने पर रहेगा जोर

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रेल भवन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है, जिसमें 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने का निर्णय किया गया है। यह जानकारी रेलवे मंत्रालय की ओर से दी गई।
रेलवे 2026 में 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करेगा, सुरक्षा बढ़ाने पर रहेगा जोर

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रेल भवन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है, जिसमें 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने का निर्णय किया गया है। यह जानकारी रेलवे मंत्रालय की ओर से दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में तय किया गया है कि रेलवे इस साल 52 सुधारों को लागू करेगा। इसके जरिए रेलवे की कोशिश नए साल में रेलवे में बड़े सुधारों को लागू करना है और महत्वपूर्ण बदलाव लाना है।

मंत्रालय ने आगे बताया कि 52 हफ्तों में 52 सुधार के जरिए रेलवे की कोशिश -दक्षता, शासन और सर्विस डिलीवरी में सुधार करना है।

इन सुधारों में रेलवे का खास फोकस सुरक्षा पर होगा। रेलवे हादसों की संख्या में बीते कुछ वर्षों में तेजी से गिरावट आई है और यह घटकर 2025-26 में 11 रह गई है, जिनकी संख्या 2014-15 में 135 थी। रेलवे की कोशिश इन्हें एकल अंक में लाना है।

मंत्रालय के मुताबिक, इस साल रेलवे की कोशिश एआई और एडवांस टेक्नोलॉजी के जरिए सुरक्षा, रखरखाव और ऑपरेशंस को बढ़ाना है।

इसके साथ ही रेलवे का फोकस कर्मचारियों की स्किलिंग और टैलेंट मैनेजमेंट पर भी होगा, जिससे नई टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ाया जा सके।

मंत्रालय के मुताबिक, इन सुधारों में रेलवे खाने की गुणवत्ता, कैटरिंग और ऑनबोर्ड सर्विसेज पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह भी मौजूद थे।

बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री, अध्यक्ष एवं सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने जमीनी अनुभव साझा किए। बैठक में अवसंरचना विकास, रखरखाव और क्षमता संवर्धन संबंधी पहलों की समीक्षा की गई। रेल मंत्रालय ने सुधारों, सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और यात्री-केंद्रित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा था कि किफायती किराए की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किराए को आम आदमी की पहुंच में रखते हुए अच्छी सुविधाएं मुहैया करना है।

रेल मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा कि रेलवे ने अपने यात्री बेड़े को और मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए चालू और अगले वित्तीय वर्ष के लिए एक सतत कोच उत्पादन कार्यक्रम शुरू किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, जो पहले ही अपने अंतिम तिमाही में है, उत्पादन योजना में 4,838 नए एलएचबी जीएस और नॉन एसी कोच (एलएस कोच - 2817, एलएससीएन कोच - 2021) का प्रावधान है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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