'इंडियन आइडल के वक्त मैं नासमझ था', अपने करियर को लेकर परलीन गिल ने की खुलकर बात
मुंबई, 20 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय संगीत जगत में 'इंडियन आइडल' जैसे रियलिटी शो ने कई प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इनमें से एक नाम है परलीन गिल का, जिन्होंने शो के माध्यम से अपनी आवाज और अनोखी शैली से दर्शकों का दिल जीता। इस बीच, परलीन गिल ने आईएएनएस से बातचीत में अपने करियर, अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि उनका सफर केवल एक गायक बनने का नहीं था, बल्कि यह आत्मखोज और जीवन में संतुलन बनाए रखने की यात्रा भी रही है।
परलीन गिल ने कहा, ''इंडियन आइडल' मेरे जीवन का वह मोड़ था, जिसने मेरी सोच और करियर दोनों को पूरी तरह बदल दिया। उस समय सोशल मीडिया का प्रभाव इतना व्यापक नहीं था और लोग अधिकतर टेलीविजन पर ही निर्भर थे। शो ने मुझे बड़ा मंच दिया और कई अवसरों की नई दुनिया खोली। शुरुआत में मैं सेना में शामिल होने की तैयारी कर रहा था, लेकिन शो के बाद मैंने पेशेवर गायक बनने का फैसला लिया। यह मेरा पहला बड़ा कदम था और इसी के साथ मेरी असली यात्रा आत्म-खोज भी शुरू हुई।'
संघर्ष की बात करते हुए परलीन ने कहा, ''इंडियन आइडल' के बाद मुझे मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा। मैं उस समय सिर्फ 19 साल का था और सोनी म्यूजिक के साथ जुड़ा हुआ था। मैंने लगातार भारत और विदेशों में परफॉर्म किया। अगर शारीरिक थकान को संघर्ष माना जाए तो यही सबसे बड़ी चुनौती थी। अवसर और मेहनत मिलकर सफलता की नींव बनाते हैं।''
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन के अनुभव पर परलीन ने कहा, ''विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शक भावनात्मक रूप से अधिक जुड़े हुए होते हैं। जब वे मेरी परफॉर्मेंस देखते हैं तो उन्हें अपने देश की याद आती है और उनका प्यार कई गुना बढ़ जाता है। यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास होता है।''
परलीन ने पहले और अब की तुलना करते हुए कहा, "सबसे बड़ा अंतर समझदारी है। 'इंडियन आइडल' के समय मैं बहुत छोटा और नासमझ था, जैसे समुद्र की लहरें बिना दिशा के बह रही हों। अब मैं जानता हूं कि कब रुकना है, कब आगे बढ़ना है और अपनी यात्रा को स्थिरता के साथ आगे ले जाना है।"
उन्होंने अपने एक लोकप्रिय गीत 'बंजारा' का जिक्र किया। उनका कहना है कि यह गीत उनके व्यक्तित्व का प्रतिबिंब है और इसे सुनकर लोग उनके जीवन के मूल मूल्यों को समझ सकते हैं।
परलीन गिल ने कहा, ''संगीत हमेशा मेरे जीवन का हिस्सा रहेगा। मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि यदि आपका जुनून आपका पेशा बन जाए तो सफलता निश्चित है।''
--आईएएनएस
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