₹90 लाख की सैलरी पाने वाले भारतीय इंजीनियर ने खोली डबलिन की असली कहानी, वीडियो में सिर्फ 3 लाख का खर्च जान उड़े यूजर्स के होश
विदेश में काम करने वाले एक भारतीय टेक कर्मचारी की नौकरी और खर्चों से जुड़ी जानकारी आजकल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस वीडियो में, वह आयरलैंड के डबलिन शहर में काम करने और रहने के अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। यह वीडियो कंटेंट क्रिएटर उमंग चौधरी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इसमें एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सैलरी, खर्चों और बचत के बारे में खुलकर बात करते हुए नज़र आ रहे हैं। इंजीनियर ने वीडियो में बताया कि वह Amazon के डबलिन ऑफिस में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम करते हैं। उनकी सालाना सैलरी लगभग 70,000 से 90,000 यूरो के बीच है—यह रकम भारतीय रुपयों में बदलने पर एक बहुत बड़ी इनकम मानी जाती है।
**मासिक खर्च: लगभग 3,000 यूरो**
जब उनसे डबलिन में होने वाले खर्चों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनका मासिक खर्च लगभग 3,000 यूरो के आसपास रहता है। इस खर्च में किराया, खाना-पीना, ट्रांसपोर्ट और अन्य ज़रूरी खर्चे शामिल हैं। हालांकि, इन खर्चों के बावजूद भी वह हर महीने एक अच्छी-खासी रकम बचा लेते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी सैलरी का लगभग 30% से 40% हिस्सा बचा लेते हैं। इससे यह साबित होता है कि, वहां रहने का खर्च ज़्यादा होने के बावजूद भी, अच्छी-खासी बचत करना मुमकिन है।
जब इंजीनियर से पूछा गया कि क्या डबलिन में बसना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि उन्हें यह शहर बेहद पसंद है। उनके मुताबिक, डबलिन एक सुखद और शांत शहर है। उन्होंने बताया कि अमेरिका का सिएटल शहर भी रहने के लिए एक बेहतरीन जगह है, लेकिन उसकी तुलना में डबलिन उन्हें ज़्यादा शांत और सुकून भरा लगता है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि वहां के स्थानीय लोग बहुत अच्छे और मिलनसार हैं।
कुल मिलाकर, उनके अनुभवों से यह पता चलता है कि डबलिन और सिएटल जैसे बड़े टेक हब की तुलना करने से लोगों को यह तय करने में मदद मिल सकती है कि वे अपने प्रोफेशनल करियर के लिए किस शहर को चुनें। यह वीडियो खुद भी डबलिन और अमेरिका के सिएटल शहर के बीच एक तुलना पेश करता है। इंजीनियर डबलिन को एक शांत और आरामदायक शहर बताते हैं; उनके विचार में, सिएटल बेशक एक अच्छी जगह है, लेकिन डबलिन में ज़्यादा शांत माहौल मिलता है और वहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं। वायरल होने के बाद से, इस वीडियो पर दर्शकों की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों ने टिप्पणी की है कि डबलिन जैसे महंगे शहर में अपनी सैलरी का 30-40% हिस्सा बचा लेना वाकई काबिले-तारीफ है। इसके विपरीत, कुछ यूज़र्स ने माना कि उस जगह के लिए 3,000 यूरो का मासिक खर्च सामान्य है—खासकर जब किराए को भी ध्यान में रखा जाए। कुल मिलाकर, इस वीडियो से लोगों को यह समझने में मदद मिली कि जहाँ विदेश में काम करने वाले भारतीय टेक प्रोफेशनल्स अच्छी कमाई करते हैं, वहीं वहाँ रहने का खर्च भी काफी ज़्यादा है। फिर भी, सही प्लानिंग के साथ, अच्छी-खासी बचत की जा सकती है।

