भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के लिए यह गर्व का पल है। हाल ही में शुभांशु शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अंतरिक्ष में जीवन की रोचक और अनोखी बातें बताई, जिसमें बताया गया कि अंतरिक्ष यात्री पर्सनल हाइजीन कैसे बनाए रखते हैं और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) में स्नान करना क्यों संभव नहीं है।
शुभांशु शुक्ला भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने ISS का दौरा किया है। वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों की दिनचर्या और तरोताज़ा रहने के उपायों को दर्शाया गया।
वीडियो में शुभांशु शुक्ला ने बताया कि अंतरिक्ष में स्नान करना धरती पर जैसा नहीं होता। सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के कारण पानी सीधे शरीर पर बहता नहीं है। इस वजह से अंतरिक्ष यात्री स्पेशल वाइप्स, डिटर्जेंट क्लॉथ्स और ड्राई शैम्पू का इस्तेमाल करते हैं। ये उन्हें साफ-सुथरा और तरोताज़ा बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि दांत साफ करना और बालों की देखभाल भी विशेष तरीके से की जाती है।
शुभांशु ने यह भी साझा किया कि अंतरिक्ष में जीवन पूरी तरह से अलग होता है। सभी गतिविधियाँ, चाहे वह भोजन करना हो, व्यायाम करना हो या सामान्य काम, पृथ्वी पर किए जाने वाले तरीके से पूरी तरह भिन्न होती हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को नियमित दिनचर्या बनाए रखना पड़ता है ताकि स्वास्थ्य और ऊर्जा बनी रहे।
सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स ने इसे बेहद रोचक और शिक्षाप्रद बताया। कई लोगों ने लिखा कि यह वीडियो अंतरिक्ष में जीवन के बारे में सामान्य जानकारियों से परे एक “रियल एक्सपीरियंस” का अहसास कराता है। बच्चों और युवाओं के लिए यह वीडियो विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति रुचि बढ़ाने वाला भी साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा साझा किए गए ऐसे अनुभव न केवल आम जनता के लिए प्रेरणादायक होते हैं, बल्कि युवा वैज्ञानिकों और छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
शुभांशु शुक्ला की पोस्ट में यह भी देखा गया कि उन्होंने पृथ्वी की सुंदरता को अंतरिक्ष से देखा और साझा किया। उनका यह अनुभव यह दिखाता है कि अंतरिक्ष में रहना केवल विज्ञान की उपलब्धि नहीं, बल्कि दुनिया के प्रति एक नया दृष्टिकोण और एहसास भी प्रदान करता है।
इस तरह, शुभांशु शुक्ला ने ISS से भारतीयों को अंतरिक्ष जीवन का असली अनुभव दिखाया और बताया कि कैसे वैज्ञानिक तरीके, तकनीकी साधन और नियमित दिनचर्या अंतरिक्ष यात्रियों को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखती हैं। सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो लाखों लोगों द्वारा देखा और साझा किया जा चुका है।

