India-NZ FTA: 20 अक्टूबर से सस्ती होगी वाइन और वाइन प्रोडक्ट्स! जानें किन-किन सामानों के घटेंगे दाम
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA अब 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 21 सितंबर को इसकी जानकारी दी। दोनों देशों ने इस समझौते को अप्रैल 2026 में साइन किया था और अब इसकी औपचारिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने वाला है। FTA लागू होने के बाद भारत के 100 फीसदी निर्यात को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। इससे भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पाद बेचने की लागत कम हो सकती है और बाजार तक पहुंच आसान होगी।
न्यूजीलैंड के 95% निर्यात पर घटेगी या खत्म होगी ड्यूटी
दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के भारत को किए जाने वाले मौजूदा निर्यात में करीब 95 फीसदी पर टैरिफ खत्म या काफी कम किए जाएंगे। हालांकि यह पूरी राहत एक साथ नहीं मिलेगी। करीब 57 फीसदी न्यूजीलैंड निर्यात को पहले दिन से टैरिफ-फ्री एक्सेस मिलेगा, जबकि बाकी हिस्से पर तय समय के अनुसार शुल्क में कटौती होगी।
इससे न्यूजीलैंड के लकड़ी, ऊन, कोयला और भेड़ के मांस जैसे उत्पादों को भारतीय बाजार में ज्यादा पहुंच मिल सकती है। वहीं कीवी और सेब जैसे उत्पादों के लिए भी विशेष कोटा और बाजार पहुंच का प्रावधान किया गया है।
भारतीय कारोबारियों को किन सेक्टर में फायदा?
FTA से भारत के कई श्रम-प्रधान और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार खुलने की उम्मीद है। इनमें टेक्सटाइल, कपड़े, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, प्रोसेस्ड फूड, फार्मास्युटिकल्स और ऑटो से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए भी नए रास्ते
यह समझौता सिर्फ सामान के व्यापार तक सीमित नहीं है। इसमें भारतीय छात्रों, प्रोफेशनल्स और युवाओं की मोबिलिटी से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। भारतीय STEM छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद वर्क राइट्स और भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए 5,000 Temporary Employment Entry वीजा का रास्ता बनाया गया है।
भारत में 20 अरब डॉलर निवेश का वादा
न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में आने की उम्मीद है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और न्यूजीलैंड ने आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सरकार के मुताबिक 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह समझौता?
यह FTA ऐसे समय लागू हो रहा है जब दुनियाभर में टैरिफ और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता बढ़ी हुई है। भारत भी अपने निर्यात के लिए अलग-अलग देशों में नए बाजार तलाश रहा है। न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता भारतीय निर्यातकों को एक विकसित बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच देता है और दोनों देशों के बीच निवेश, सेवाओं तथा कारोबार को बढ़ाने का नया रास्ता खोलता है।
यानी 20 अक्टूबर से लागू होने वाले इस समझौते के बाद भारत के निर्यातकों को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जबकि न्यूजीलैंड के करीब 95% मौजूदा निर्यात पर भारत में टैरिफ कम या खत्म किए जाएंगे।

