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वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना, देश के लोगों की सामूहिक क्षमता को दिखाता है: पीएम मोदी

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना, देश के लोगों की सामूहिक क्षमता को दिखाता है: पीएम मोदी
वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना, देश के लोगों की सामूहिक क्षमता को दिखाता है: पीएम मोदी

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जीडीपी के 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच देश का तेजी से बढ़ना हमारे लोगों की सामूहिक क्षमता को दिखाता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पीएम मोदी ने कहा, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत की शानदार जीडीपी ग्रोथ एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

हमारे लोगों की सामूहिक ताकत ने यह सुनिश्चित किया है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बावजूद भारत तेजी से विकास करता रहे।"

उन्होंने पोस्ट के अंत में कहा कि निराशावादी लोगों की हार हुई और भारत एक बार फिर से खिल उठा है।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। यह पिछले साल की समान अवधि की विकास दर 6.9 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत ज्यादा है।

यह आरबीआई के अनुमान से ज्यादा है। अगस्त की शुरुआती में मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) के फैसलों के ऐलान के दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7 प्रतिशत बताया था।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास को रफ्तार तृतीयक क्षेत्र ने दी है। इसकी विकास दर 10 प्रतिशत की रही है।

इस दौरान, तृतीयक क्षेत्र में 'फाइनेंस, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज' ने 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ तेजी का नेतृत्व किया है।

द्वितीयक क्षेत्र की विकास दर स्थिर कीमतों में 8.6 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र की 2.9 प्रतिशत रही है। इस दौरान कृषि और उससे जुडे सेगमेंट की विकास दर 3.6 प्रतिशत रही है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि दर 11.9 प्रतिशत रही है। यह वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 5.8 प्रतिशत थी।

--आईएएनएस

एबीएस

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