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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में लॉन्च हुआ ‘कुंभदूत: पवित्र तीर्थयात्रा के लिए आपका एआई साथी' ऐप

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में नया ऐप ‘कुंभदूत: पवित्र तीर्थयात्रा के लिए आपका एआई साथी’ लॉन्च किया। यह ऐप नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान भक्तों को गाइड करने और अलग-अलग सेवाओं में मदद करने के लिए बनाया गया है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में लॉन्च हुआ ‘कुंभदूत: पवित्र तीर्थयात्रा के लिए आपका एआई साथी' ऐप

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में नया ऐप ‘कुंभदूत: पवित्र तीर्थयात्रा के लिए आपका एआई साथी’ लॉन्च किया। यह ऐप नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान भक्तों को गाइड करने और अलग-अलग सेवाओं में मदद करने के लिए बनाया गया है।

इस इवेंट में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्री आशीष शेलार, पोर्ट्स डेवलपमेंट और फिशरीज मंत्री नितेश राणे, चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, आईटी विभाग के सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह, नासिक डिविजनल कमिश्नर और कुंभ मेला अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. प्रवीण गेडाम, कमिश्नर शेखर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट शामिल हुए।

यह ऐप “एजेंटिक कुंभ” मॉडल पर काम करता है। इसका मतलब है कि सिंहस्थ 2027 में हर रजिस्टर्ड भक्त को अपना पर्सनल एआई असिस्टेंट मिलेगा, जिसे “कुंभदूत” कहा जाएगा। यह कुंभदूत भक्त को यात्रा, रहने की जगह, घाट, इमरजेंसी मदद, पेमेंट, ट्रांसलेशन जैसी सुविधाओं में मदद करेगा।

एजेंटिक एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड सिस्टम है, जिसमें हर व्यक्ति का अपना डिजिटल एआई असिस्टेंट होता है। यह असिस्टेंट भक्त की अनुमति से काम करता है और सरकार, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्ट या लोकल वेंडर्स के साथ कोऑर्डिनेट करता है। कोई सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस नहीं होगा और सभी जानकारी केवल भक्त की सहमति से इस्तेमाल होगी।

कुंभदूत 20 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में काम करेगा। स्मार्टफोन या फीचर फोन दोनों पर इसे इस्तेमाल किया जा सकेगा। डिजिटल न जानने वाले या बुजुर्ग भक्त भी आईवीआर कॉल के जरिए सर्विस का फायदा उठा सकेंगे।

इसमें ‘कुंभ पास’ का विकल्प भी है। यह पास डिजिलॉकर में सुरक्षित रहेगा और एंट्री, सर्विस लेना और इमरजेंसी मदद को आसान बनाएगा।

पूरा सिस्टम भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगा। इसमें यूपीआई पेमेंट, हेल्थ रिकॉर्ड और डिजिलॉकर का इंटीग्रेशन होगा, लेकिन भक्तों की पर्सनल जानकारी सेंट्रली स्टोर नहीं की जाएगी। जानकारी केवल सीमित समय और भक्त की अनुमति से इस्तेमाल होगी।

सिंहस्थ के दौरान यह सिस्टम 1 करोड़ भक्तों और लाखों डिजिटल एजेंट्स को हैंडल कर सकेगा। 2027 से पहले नासिक के कॉलेजों में 10,000 लोगों के साथ पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “सिंहस्थ 2027 आस्था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का संगम होगा। एजेंटिक कुंभ महाराष्ट्र को एआई के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल में सबसे आगे ले जाएगा।”

नासिक डिविजनल कमिश्नर डॉ प्रवीण गेडाम ने कहा, “सिंहस्थ दुनिया के सबसे बड़े शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है। इतने बड़े इवेंट की प्लानिंग के लिए दूर की सोच और कोऑर्डिनेशन जरूरी है। एजेंटिक कुंभ से सटीक प्लानिंग और बेहतर सर्विस डिलीवरी होगी। यह सिस्टम ट्रांसपेरेंट और बैलेंस्ड है।”

कुंभ मेला कमिश्नर शेखर सिंह ने कहा, “एजेंटिक कुंभ हर भक्त को पर्सनल मदद देगा। भाषा या जानकारी की कमी और भीड़ के कारण परेशानियों को कम करेगा। यह सिस्टम कंट्रोल के लिए नहीं, बल्कि बेहतर कोऑर्डिनेशन के लिए है।”

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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