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इंडी गठबंधन की महारैली पर जेडीयू का तंज, बोले- '10 लाख लोगों के आने का दावा खोखला, कथनी-करनी में अंतर'

इंडी गठबंधन की महारैली पर जेडीयू का तंज, बोले- '10 लाख लोगों के आने का दावा खोखला, कथनी-करनी में अंतर'
इंडी गठबंधन की महारैली पर जेडीयू का तंज, बोले- '10 लाख लोगों के आने का दावा खोखला, कथनी-करनी में अंतर'

पटना, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को होने वाली इंडी गठबंधन की महारैली को लेकर बिहार में भी सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जेडीयू के नेताओं और बिहार सरकार के मंत्रियों ने रैली में भीड़ जुटने के दावों पर सवाल उठाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने 10 लाख लोगों के शामिल होने के दावे को खोखला बताया। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भी रैली को लेकर विपक्ष पर हमला बोला।

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने इंडी गठबंधन की महारैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष का दावा है कि रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे, तो इतनी बड़ी भीड़ को देखकर कौन व्यापारी अपनी दुकान खोलेगा, सामान सजाएगा और बिक्री करेगा? उन्होंने विपक्ष के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा जा रहा है कि रैली से स्थानीय व्यापारियों को फायदा होगा।

श्याम रजक ने आगे कहा कि दावा करना और उसे वास्तविकता में बदलना दो अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने रामलीला मैदान और उसके आसपास के क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि अगर रैली स्थल के पूरे इलाके का आकलन किया जाए, तो 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा खोखला साबित होगा। केवल भीड़ जुटने का दावा कर देने से वह हकीकत नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि किसी भी दावे को जमीन पर साबित करना जरूरी होता है।

वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पूरे देश को अराजकता की स्थिति में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के शांतिप्रिय नागरिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोग ऐसी कोशिशों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। भारत के लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का जनता समर्थन नहीं करेगी।

इस बीच, बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय हालात पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुनिया में कुछ ऐसे लोग और देश हैं, जो हमेशा अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। इसी वजह से रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-ईरान के बीच तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की परिस्थितियां बनी हुई हैं। जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ विकसित देश ऐसे राष्ट्रों के बीच संघर्ष पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो आपस में युद्ध नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिशों के कारण कई देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है।

इंडी गठबंधन की महारैली पर निशाना साधते हुए दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 लाख लोगों के जुटने के दावे को भी कम बताया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में अगर 10 लाख लोग भी किसी रैली में पहुंचते हैं, तो यह बहुत बड़ी संख्या नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को उतने लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखना चाहिए, जितने उसे चुनाव में वोट मिलते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पूरा देश समझ चुका है कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए बेचैन है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चुनाव जीतकर जब कोई सरकार बनती है, तो विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह जनता की सेवा करे और अपने कामों के जरिए लोगों का विश्वास हासिल करे।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम

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