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वीडियो में देंखे अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जंग के बीच भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की इजाजत

वीडियो में देंखे अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जंग के बीच भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की इजाजत

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच पिछले 13 दिनों से जारी तनाव और जंग के बीच भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति मिल गई है। ईरान सरकार ने विशेष तौर पर यह स्पष्ट किया है कि जो जहाज अमेरिका और इज़राइल से जुड़े नहीं हैं, उन्हें इस समुद्री मार्ग से गुजरने की इजाजत दी जाएगी। यह जानकारी भारतीय न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से दी।

सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय का मतलब यह है कि फिलहाल भारतीय व्यापारिक जहाजों के लिए यह मार्ग सुरक्षित रहेगा। भारत के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ता है, अंतरराष्ट्रीय तेल और व्यापार मार्गों में सबसे अहम मार्गों में से एक है।

हालांकि, इस क्षेत्र में हाल ही में सुरक्षा की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इससे पहले ईरान ने इस स्ट्रेट से गुजरने वाले शिप्स पर हमले की धमकी दी थी। इसी बीच बुधवार रात ईरान ने फारस की खाड़ी में 'सेफसी विष्णु' नाम के अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। फिलहाल मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक इस हमले में ईरान ने आत्मघाती नाव (सुसाइड बोट) का इस्तेमाल किया। जहाज पर मौजूद बाकी 27 लोग सुरक्षित बचा लिए गए। यह जहाज मार्शल आइलैंड के झंडे के तहत चल रहा था। इस घटना ने क्षेत्र में व्यापारिक और सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों के लिए अहम है। भारतीय सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि अपने नागरिकों और व्यापारिक हितों की सुरक्षा सर्वोपरि है। भारत ने इस मामले में ईरान और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ा दिया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सूत्रों ने यह भी बताया कि जिन भारतीय जहाजों को ईरान की अनुमति मिली है, उन्हें विशेष मार्ग और सुरक्षा उपायों के साथ गुजरने की छूट दी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी प्रकार की घटना या हमले की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।

इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और भारतीय नागरिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि हाल की घटनाओं के बाद भारत ने क्षेत्रीय देशों से सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की बात कही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट, जो वैश्विक तेल और व्यापारिक मार्गों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है, में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह कदम व्यापारिक और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस घटनाक्रम के बीच भारत के लिए राहत की बात यह है कि उसके जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिल गया है, लेकिन क्षेत्र की अस्थिरता और ईरान-इज़राइल-अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

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