'संघर्ष का नाम मां.....' तीन बच्चों को पालने के लिए महिला चला रही Uber, वीडियो में कहानी सुन आप भी करेंगे नमन
पुरुषों के दबदबे वाली दुनिया में अपना नाम बनाना किसी भी महिला के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। ऐसी ही एक महिला की कहानी आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वह महिला सशक्तिकरण की सच्ची मिसाल है। यह कहानी है हैदराबाद की उबर कैब ड्राइवर नंदिनी की, जो अपने तीन बच्चों का पेट पालने के लिए कैब चलाती है। नंदिनी सिंगल मदर हैं, और उनके तीनों बच्चे पूरी तरह से उन पर निर्भर हैं।
Today, I was using cabs to travel from one studio to another for the Union Budget debates. When I booked a @Uber_India cab from Nationalist Hub to 99TV in Hyderabad and two of the drivers cancelled after accepting the booking. @Uber automatically assigned a third driver and I… pic.twitter.com/aR194nbLHE
— Suresh Kochattil (@kochattil) February 1, 2026
महिला उबर ड्राइवर की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल
हालांकि नंदिनी मूल रूप से विजयवाड़ा की रहने वाली हैं, लेकिन बेहतर कमाई के मौकों की तलाश में वह हैदराबाद आ गईं। नंदिनी की कहानी हैदराबाद के एक शख्स सुरेश कोचाटिल ने अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर शेयर की। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वह हाल ही में हैदराबाद में उबर कैब ड्राइवर नंदिनी से मिले, जिसके बाद महिला सशक्तिकरण के बारे में उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। सुरेश बताते हैं कि नंदिनी पिछले एक साल से हैदराबाद में उबर कैब चला रही हैं।
टीवी डिबेट के गेस्ट ने शेयर की नंदिनी की कहानी
नंदिनी की इजाज़त से उनकी तस्वीर शेयर करते हुए सुरेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज, मैं यूनियन बजट पर डिबेट के लिए एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो जाने के लिए कैब का इस्तेमाल कर रहा था। जब मैंने हैदराबाद में नेशनलिस्ट हब से 99TV के लिए @Uber_India कैब बुक की, तो दो ड्राइवरों ने बुकिंग एक्सेप्ट की और फिर कैंसिल कर दी।"
तीन बच्चों की मां चलाती है उबर कैब
"@Uber ने अपने आप तीसरे ड्राइवर को असाइन किया, और मुझे ड्राइवर के तौर पर एक महिला का नाम देखकर हैरानी हुई। और यह देखकर सच में बहुत अच्छा लगा कि वह नंदिनी थीं, जो पिछले एक साल से उबर के लिए ड्राइविंग कर रही हैं। तीन बच्चों की सिंगल मदर, वह मूल रूप से विजयवाड़ा की रहने वाली हैं और अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। आज के मीडिया में, जहां अक्सर महिला सशक्तिकरण की बात होती है, यह एक शानदार उदाहरण है कि कैसे एक महिला ने चुनौतियों का सामना किया और कड़ी मेहनत करना जारी रखा।"

