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राजौरी में एसएसपी ने प्रोबेशनरी सब इंस्पेक्टरों को दिया अनुशासन और जनसेवा का मंत्र

राजौरी में एसएसपी ने प्रोबेशनरी सब इंस्पेक्टरों को दिया अनुशासन और जनसेवा का मंत्र
राजौरी में एसएसपी ने प्रोबेशनरी सब इंस्पेक्टरों को दिया अनुशासन और जनसेवा का मंत्र

राजौरी, 3 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं जन-हितैषी बनाने के उद्देश्य से सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) नरेश सिंह ने मंगलवार को जिले में तैनात प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टरों (पीएसआई) के साथ एक विशेष बातचीत सत्र आयोजित की। इस सत्र में 2019 और 2024 बैच के पीएसआई शामिल हुए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) और जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य युवा अधिकारियों को पुलिस सेवा के मूल्यों, कर्तव्यों और जनता के प्रति जवाबदेही के बारे में मार्गदर्शन देना था।

बैठक को संबोधित करते हुए एसएसपी नरेश सिंह ने पुलिसिंग में ईमानदारी, अनुशासन, समर्पण और पेशेवर रवैये के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी के लिए वर्दी सिर्फ एक पोशाक नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

एसएसपी ने कहा, "पुलिस कर्मियों को अपनी ड्यूटी निभाते समय ईमानदारी, पेशेवर व्यवहार और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखना चाहिए। फील्ड में आपका आचरण ही पुलिस विभाग की छवि बनाता है।"

उन्होंने प्रोबेशनरी एसआई से विशेष रूप से कहा कि वे पुलिस की वर्दी की गरिमा बनाए रखें और ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की मजबूत भावना के साथ जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि एक अच्छे पुलिस अधिकारी की पहचान उसकी सुलभता और निष्पक्षता से होती है।

जनता और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने पर जोर देते हुए एसएसपी ने कहा कि सुलभ, निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग ही आज के समय की जरूरत है। अगर आम नागरिक थाने में बिना डर के अपनी शिकायत लेकर आ सके, तभी पुलिसिंग को सफल माना जाएगा।

इस दौरान एसएसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दुर्व्यवहार, लापरवाही या पेशेवर और नैतिक मानकों से समझौता करने के किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समर्पण और पेशेवर रवैये के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं, अनुशासन बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि उनका व्यवहार पुलिस सेवा के उच्चतम मानकों को दर्शाता हो।

यह बातचीत सत्र सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश देने के साथ समाप्त हुआ कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी, प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के साथ निभाएं और अपनी पुलिसिंग जिम्मेदारियों के केंद्र में हमेशा जनसेवा को रखें।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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