SIR को लेकर चुनाव आयोग की अहम बैठक, वीडियो में जाने दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ी; घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे BLO
चुनाव आयोग में कथित मतभेद की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दिल्ली में बैठक की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े मामलों और मतदाता सूची में नाम को लेकर उठ रही आपत्तियों पर चर्चा हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR के दौरान जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ा दी गई है।
आयोग ने बताया कि जिन मतदाताओं को नाम मैप नहीं होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी वजहों से नोटिस जारी किया गया है, उनके मामलों में प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO संबंधित मतदाताओं के घर जाएंगे। BLO जरूरी दस्तावेज एकत्र करने के साथ उन्हें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
BLO घर जाकर जमा करेंगे जरूरी दस्तावेज
चुनाव आयोग के अनुसार, SIR के दौरान जिन लोगों के रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति पाई गई है, उन्हें अपनी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उनके घर जाकर BLO दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के बाद संबंधित मामलों पर क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारी फैसला करेगा। इससे उन मतदाताओं को प्रक्रिया में राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके नाम रिकॉर्ड में किसी कारण से मैप नहीं हो पाए हैं या दस्तावेजों में अंतर पाया गया है।
आयोग में मतभेद की खबरों के बीच हुई बैठक
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच आयोग के कुछ फैसलों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, इन दावों के संबंध में चुनाव आयोग की ओर से बैठक में किसी आंतरिक मतभेद की पुष्टि नहीं की गई है।बैठक के बाद आयोग की ओर से SIR से जुड़े मामलों में आगे की प्रक्रिया और दावे-आपत्तियों को लेकर जानकारी साझा की गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि नोटिस पाने वाले लोगों के मामलों में दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित अधिकारी निर्णय लेंगे।
कांग्रेस और CJP ने उठाए सवाल
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। विपक्षी दलों और संगठनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर दावे और आपत्तियों के निपटारे की व्यवस्था जारी रखने की बात कही गई है। अब BLO के स्तर पर दस्तावेज जुटाने और उन्हें ऑनलाइन अपलोड करने के बाद संबंधित मामलों पर क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारी के फैसले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

