ईमानदारी से चुनाव हुआ तो 2027 में यूपी में सपा की सरकार बनेगी: अबू आजमी
मुंबई, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक स्थिति, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ईवीएम,वोट चोरी और संवैधानिक अधिकारों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा को अंगद का पैर बताते हुए कहा था कि उसे कोई हिला नहीं सकता।
अबू आजमी ने दावा किया कि यदि चुनाव ईमानदारी से और ईवीएम के बिना कराए गए तो 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और 2029 में भी भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएगी।
अबू आजमी ने कहा कि भाजपा को अपनी जीत का इतना भरोसा किस आधार पर है, यह समझ से परे है। भाजपा को वोट चोरी और मशीनों में सेटिंग पर भरोसा है, इसलिए उसके नेता इतने आत्मविश्वास से बयान दे रहे हैं। जनता सरकार से नाखुश है और उसके कामकाज से संतुष्ट नहीं है। यदि आगामी चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए गए और मशीनों की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ तो राजनीतिक परिणाम बदल सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर करने और धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों को दबाने की कोशिश की जा रही है। देश की बहुसंख्यक आबादी भी समझती है कि मुसलमानों के खिलाफ गलत बयानबाजी करके उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और 2027 तथा 2029 के चुनावों में इसका जवाब देगी।
उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में अमित शाह के बयान पर अबू आजमी ने कहा कि भाजपा के पास फिलहाल बहुमत है और उसे अपनी ताकत का अहंकार है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार हर व्यक्ति और हर धर्म के लोगों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।
आजमी ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को तोड़-मरोड़ रही है और उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के अनुयायी और महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने वाले लोग ऐसी नीतियों को पसंद नहीं करेंगे। जनता लोकतांत्रिक तरीके से ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर कर सकती है।
महाराष्ट्र में भी यूसीसी लागू करने की तैयारी और इसके खिलाफ उठ रही आवाजों पर उन्होंने कहा कि यदि किसी के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप होगा तो विरोध और प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि यूसीसी के जरिए सभी नागरिकों को एक कानून के दायरे में लाने की बात है तो आदिवासी समुदाय को इससे अलग क्यों रखा गया है। सभी के लिए समान कानून की बात करने वालों को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।
1 नवंबर की रैली को लेकर व्यापारियों की ओर से जताई जा रही चिंता पर सपा नेता ने कहा कि कारोबार में चाहे कितना भी संकट हो, देश की 140 करोड़ जनता के सामने बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि एक दिन की रैली से व्यापारियों को इतनी परेशानी हो रही है, लेकिन देश के लोगों के मुद्दों पर वे चुप क्यों हैं। अबू आजमी ने लोगों से सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धर्म के नाम पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई करती है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया बयान पर अबू आजमी ने कहा कि जो व्यक्ति सच बोलता है और सरकार की गलत नीतियों तथा कमियों को सामने लाता है, उसे बदनाम करने की कोशिश की जाती है। संविधान ने नागरिकों को सरकार के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर आवाज उठाने का अधिकार दिया है। सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है।
दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से रेस कोर्स मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार किए जाने के मामले पर सपा विधायक अबू आजमी ने कहा कि पहले डिफेंस कॉलोनियों और सैन्य क्षेत्रों में मस्जिदों और मंदिरों की व्यवस्था रही है। उन्होंने दावा किया कि वहां सरकार की ओर से इमाम नियुक्त किए जाते थे और उन्हें वेतन भी दिया जाता था। आजमी ने कहा कि पहले वहां अजान और नमाज होती रही, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई समस्या सामने नहीं आई। भाजपा सरकार आने के बाद मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और धर्म के नाम पर बहुसंख्यक समुदाय को खुश करने की कोशिश की जा रही है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की यूनिवर्सिटी की संपत्ति कुर्क किए जाने पर भी अबू आसिम आजमी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के खिलाफ लगातार इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। यह केवल किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाई गई यूनिवर्सिटी है। आजमी ने कहा कि यदि यूनिवर्सिटी में कोई गलती हुई है तो सरकार को उसमें सुधार कराकर संस्थान को दोबारा शुरू करना चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इजरायल के चुनाव में अरब पार्टी की किंगमेकर की भूमिका को लेकर सपा विधायक ने कहा कि वह दुआ करते हैं कि अरब पार्टी अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे बेंजामिन नेतन्याहू का अहंकार खत्म होगा और जुल्म-ज्यादती पर रोक लगेगी। आजमी ने कहा कि फिलिस्तीनियों को भी इजरायल में सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिलना चाहिए।
--आईएएनएस
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