बयाना में खेजड़ी समेत 159 हरे पेड़ों की अवैध कटाई, सहायक वनपाल-सहायक वनरक्षक सस्पेंड, 8 आरा मशीनें सीज
जिले में पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। बयाना क्षेत्र में खेजड़ी समेत 159 हरे पेड़ों की अवैध कटाई की गई, जिससे वन विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक वनपाल और सहायक वनरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि 8 अवैध आरा मशीनें सीज कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, अवैध कटाई की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर छापामारी की। जांच में पाया गया कि विभिन्न गांवों में खेजड़ी और अन्य हरे पेड़ों की कटाई बिना किसी अनुमति के की गई थी। वन अधिकारियों ने तुरंत संबंधित मशीनों को कब्जे में लिया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
वन अधिकारी ने बताया, “यह घटना पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। खेजड़ी और अन्य पेड़ न केवल ग्रामीणों के लिए छाया और लकड़ी का स्रोत हैं, बल्कि कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। अवैध कटाई को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
अवैध कटाई के आरोप में सहायक वनपाल और सहायक वनरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि वन संपदा की सुरक्षा में कोई भी कमी न हो। जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ स्थानीय लोग और दलाल भी इस अवैध गतिविधि में शामिल थे, जिनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने कहा कि वन विभाग और पुलिस मिलकर इस मामले की पूरी जांच कर रहे हैं। वन संपदा को बचाने और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमित छापामारी की जाएगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि खेजड़ी और अन्य हरे पेड़ न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अवैध कटाई से इलाके के पर्यावरण और कृषि पर असर पड़ रहा था। वन विभाग और प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई उन्हें राहत और आश्वासन देती है कि उनके हरे-भरे पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
वन अधिकारी ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई अवैध कटाई या पेड़ कटने की गतिविधि देखते हैं, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। उन्होंने कहा कि जनता की सक्रिय भागीदारी से ही वन संपदा को बचाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, बयाना में खेजड़ी समेत 159 पेड़ों की अवैध कटाई का मामला यह स्पष्ट करता है कि वन संपदा की सुरक्षा एक संवेदनशील और जरूरी कार्य है। सहायक वनपाल और सहायक वनरक्षक के निलंबन और 8 आरा मशीनों की सीजिंग से यह संदेश गया है कि वन कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

