IIT-बॉम्बे सुसाइड कांड: प्रोफेसर छुट्टी पर, जांच कमेटी बनी; पिता की गिरफ्तारी की मांग
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। उन पर साहिल को आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले 21 सितंबर को उन्हें डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया गया था।मामले की जांच के लिए IIT बॉम्बे ने 10 सदस्यीय हाईलेवल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों के साथ-साथ लगाए गए आरोपों की भी जांच करेगी। कमेटी की अध्यक्षता IIT पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे। बताया गया है कि कमेटी करीब एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।वहीं साहिल के परिवार ने कमेटी बनाने के बजाय मामले में निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने FIR में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि अगर FIR में नाम दर्ज है, तो अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। परिवार ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
18 सितंबर को हॉस्टल में मिला था शव
22 साल के साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech सेकंड ईयर के छात्र थे और महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले थे। 18 सितंबर की शाम उनका शव हॉस्टल के कमरे में मिला था। मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।
पुलिस अब परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच कर रही है, ताकि साहिल की आखिरी गतिविधियों और घटना से पहले के घटनाक्रम को समझा जा सके।
CCTV में क्या सामने आया?
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए झुकते हुए CCTV में दिखाई दिया। इसके बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने उससे सवाल किया और साहिल परीक्षा हॉल से बाहर चला गया।
CCTV के अनुसार, साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और इसके बाद बाहर नहीं निकला। बाद में वह कमरे में मृत मिला। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
पहले IIT ने नकल का दावा किया, फिर बयान वापस लिया
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा था कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल मोबाइल फोन से नकल करते पकड़ा गया था। संस्थान ने यह भी कहा था कि कथित तौर पर ChatGPT पर प्रश्नपत्र अपलोड करने की कोशिश की गई थी।
हालांकि, 21 सितंबर को IIT बॉम्बे ने अपने बयान पर माफी मांगी और उसे वापस ले लिया। संस्थान ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इस तरह की जानकारी देना उचित नहीं था।
मामले को लेकर कैंपस में प्रदर्शन
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे के छात्रों ने कई दिनों तक संस्थान के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों की ओर से कई मांगें रखी गई हैं। प्रदर्शन को देखते हुए संस्थान के बाहर सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
अब इस पूरे मामले में परिवार की FIR, पुलिस जांच, CCTV फुटेज और IIT की हाईलेवल कमेटी की रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साहिल की मौत से पहले वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और लगाए गए आरोपों में क्या तथ्य सामने आते हैं।

