आईआईएमयूएन का लक्ष्य युवाओं को 'भारत' और वैश्विक सोच से जोड़ना: ऋषभ शाह
मुंबई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और उन्हें भारत की लोकतांत्रिक एवं वैश्विक सोच से जोड़ने के उद्देश्य से कार्य कर रहे आईआईएमयूएन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ऋषभ शाह ने अपने संगठन के कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य लक्ष्य 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को यह समझाना है कि 'भारत' क्या है और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया को एकजुट करने का क्या अर्थ है।
ऋषभ शाह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि आईआईएमयूएन का उद्देश्य हर वर्ष देशभर में हजारों कार्यक्रम आयोजित करना है, जिनका संचालन 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवा स्वयं करते हैं। 24 वर्ष की आयु के बाद ये युवा अपने-अपने करियर की दिशा में आगे बढ़ते हैं। इनमें से कई राजनीति, फिल्म, उद्योग, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनका मानना है कि कम उम्र में नेतृत्व का अनुभव युवाओं को भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और प्रभावी निर्णयकर्ता बनने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि अब तक करीब 30 हजार छात्र संगठन के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर काम कर चुके हैं। वहीं, संगठन की गतिविधियों का प्रभाव लगभग 7 से 7.5 करोड़ लोगों तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविक प्रभाव का आकलन उन लोगों से बातचीत के आधार पर ही किया जा सकता है, जो इन कार्यक्रमों से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से संगठन विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए तैयार कर रहा है।
ऋषभ शाह ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान आईआईएमयूएन ने 118 शहरों और 15 देशों में अपने कार्यक्रम आयोजित किए। संगठन का वार्षिक सत्र अगस्त से अगले वर्ष अगस्त तक चलता है, जिसके दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को जोड़ा जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से लगातार इस अभियान का आयोजन किया जा रहा है और स्कूलों व कॉलेजों के माध्यम से अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंच बनाई जाती है। किसी भी शहर में कार्यक्रम आयोजित करने से पहले स्थानीय टीम वहां पहुंचकर तैयारियां करती है और लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का काम करती है।
उन्होंने बताया कि 6 से 9 अगस्त के बीच संगठन का इस सत्र का अंतिम और सबसे बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें करीब दो हजार छात्रों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा कई देशों से भी प्रतिभागी इस आयोजन में हिस्सा लेंगे।
शाह ने विश्वास जताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श, नेतृत्व और सहयोग की नई सीख मिलेगी तथा उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित होगा।
--आईएएनएस
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