आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा दूसरी तिमाही में 20 प्रतिशत बढ़ा, एसेट क्वालिटी भी हुई बेहतर
मुंबई, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईसीआईसीआई बैंक ने शनिवार को वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। बैंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 20.1 प्रतिशत बढ़कर 14,843 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 12,359 करोड़ रुपए था।
वित्त वर्ष 27 की जुलाई-सितंबर अवधि में बैंक का मुनाफा बढ़ने के साथ एसेट क्वालिटी में सुधार और प्रोविजनिंग में कमी देखी गई है।
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.20 प्रतिशत हो गया है, जो कि पिछली तिमाही में 1.38 प्रतिशत था। वहीं, इस दौरान नेट एनपीए 0.35 प्रतिशत से कम होकर 0.30 प्रतिशत हो गया है।
वहीं, निजी बैंक की प्रोविजनिंग गिरकर 851 करोड़ रुपए पर आ गई है, जो कि जून तिमाही में 1,260 करोड़ रुपए और एक साल पहले समान अवधि में 914 करोड़ रुपए पर थी।
वित्त वर्ष 27 की सितंबर तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 18 प्रतिशत बढ़कर 25,339 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 21,529 करोड़ रुपए पर थी। बैंक का शुद्ध ब्याज अंतर (एनआईएम) पिछली तिमाही के 4.36 प्रतिशत से घटकर 4.18 प्रतिशत हो गया है।
इसके अलावा, बैंक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास एक आवेदन दायर किया है। इसमें प्रदीप कुमार सिन्हा को 1 जुलाई 2027 से 16 फरवरी 2029 तक बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव पार्ट-टाइम चेयरपर्सन के पद पर बने रहने के लिए मंजूरी मांगी गई है।
यह प्रस्तावित अवधि उनके उस कार्यकाल के भीतर आती है, जिसके लिए बैंक के बोर्ड और शेयरधारकों ने पहले ही उन्हें स्वतंत्र निदेशक के रूप में मंजूरी दे दी है।
पिछले कारोबारी सत्र में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 0.55 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,397 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक महीने में शेयर ने करीब 4 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि बीते एक साल में शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।
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