आई-पैक छापेमारी: सुवेंदु अधिकारी बोले- 'कोलकाता पुलिस का घिनौना कृत्य सामने आया'
कोलकाता, 11 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले से जुड़े मामले में राजनीतिक सलाहकार फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कोलकाता पुलिस के हस्तक्षेप और कथित सबूत अपने साथ ले जाने को लेकर पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आई-पैक के कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर हाल ही में हुई (प्रवर्तन निदेशालय) ईडी की छापेमारी के दौरान कोलकाता पुलिस का एक घिनौना गैरकानूनी कृत्य सबके सामने आ गया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सीधी मिलीभगत से कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण समिति से जुड़े भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के एक गिरोह ने धावा बोलकर महत्वपूर्ण कागजात और दस्तावेज लूट लिए।
उन्होंने कहा कि यह कानून का पालन नहीं था। यह सरासर गुंडागर्दी थी। न्याय की इस दिनदहाड़े लूट में लगभग 50 अधिकारी सीधे तौर पर शामिल थे।
भाजपा नेता ने कहा कि इन अधिकारियों को तत्काल निलंबित और सेवामुक्त किया जाना चाहिए। ये अपनी वर्दी पर कलंक हैं और इन्होंने पुलिस बल को ममता बनर्जी की निजी गुंडागर्दी की टोली बना दिया है।
उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई से भयभीत ये कायर लोग सुबह-शाम मुख्यमंत्री और उनके भतीजे के आवासों की सुरक्षा में छुप-छुप कर घूम रहे हैं। वे और भी अपराधों को दबाने के लिए फाइलें भी चुपके से बाहर ले जा रहे हैं।
इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ममता बनर्जी के शासन में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की नई ही हदें पार हो गई हैं।
आज मैंने जादवपुर से कोलकाता के देशप्रिया पार्क तक हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ पैदल मार्च किया, और इस आपराधिक गिरोह के मुख्य साजिशकर्ताओं, मुख्यमंत्री और राज्य पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, और कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के खिलाफ न्याय की मांग की। कानून के ये तथाकथित रखवाले आई-पैक के चोरों और बदमाशों के बेशर्म संरक्षक बनकर उन्हें जवाबदेही से बचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम कब तक सत्ता और लूट के इस गठजोड़ को बर्दाश्त करेंगे? ममता बनर्जी की सीधी कमान में चल रही पुलिस फोर्स दोषियों को पनाह देने का जरिया बन गई है।
--आईएएनएस
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