'आई लव महादेव' वाला महापौर बना तो बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को मुंबई में नहीं रहने देंगे: नितेश राणे
मुंबई, 8 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने बांग्लादेशियों और रोहिंग्या मुसलमानों को मुंबई छोड़कर जाने के लिए अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुंबईकरों को मिलने वाली सुविधाओं का फायदा ये लोग उठा रहे हैं, जो यहां के रहने वाले ही नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि मुंबई में रहने वाले जो भी बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं, उन्हें यहां रहने का अधिकार नहीं है और उनके पास कोई कागजात नहीं हैं। जो भी लोग यहां आकर रह रहे हैं, उनके लिए 15 तारीख तक का अल्टीमेटम दिया गया है। जब हमारा ‘आई लव महादेव’ वाला महादेव महापौर बनेगा तो हम इन्हें रहने नहीं देंगे।
नितेश राणे ने कहा कि रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को मुंबई छोड़ना पड़ेगा। जहां से वे आए हैं, उन्हें वापस जाना पड़ेगा। यहां बांग्लादेशियों की संख्या तीस प्रतिशत तक बढ़ गई है। जो फायदा मुंबईकरों को मिलना चाहिए, उसे ये लोग ले रहे हैं। मुंबई को विकसित करने से पहले इस गंदगी को साफ करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हम लोग हिंदू हैं, उर्दू नहीं। उद्धव ठाकरे को वोट देने का मतलब जिहाद को वोट देना है, पीएफआई और आईएसआई को वोट देना है। सत्ता में आने के बाद उन्होंने भायखला में उर्दू भवन बनवाया था। वैसे ही गली-गली और हर वार्ड में उर्दू भवन बनवाते हुए वे दिखाई देंगे। मुंबई के सारे मराठी स्कूल बंद करके वे सबको उर्दू सिखाना शुरू कर देंगे। हमें उद्धव ठाकरे को वोट नहीं देना चाहिए।
नितेश राणे ने वारिस पठान से सवाल किया कि उनके लिए पहले संविधान है या कुरान? मुझे पता है कि ये लोग कुरान के हिसाब से जिंदगी जीते हैं। ऐसे में अगर उनके सामने कुरान और संविधान रखा जाए, तो उन्हें बताना चाहिए कि वे क्या चुनेंगे।
उन्होंने उद्धव और राज ठाकरे के मराठी मानुष के मुद्दे पर कहा कि मराठी मानुष का मुद्दा उठाकर वे हिंदू समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। ये मुस्लिम इलाकों में जाकर इस तरह की बातें क्यों नहीं करते, सिर्फ हिंदुओं के बीच ही ये सब क्यों करते हैं? इसे सभी हिंदू समाज के लोगों को समझना चाहिए।
नितेश राणे ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने साफ कर दिया है कि हम बीएमसी चुनाव को सुरक्षा और विकास के मुद्दे पर लड़ने वाले हैं। इन दोनों मुद्दों को लेकर हमें अपना मेयर बैठाना है और मुंबईकरों की सेवा करनी है।
--आईएएनएस
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