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पांच बच्चों की मां से करवा दी शादी, बोला- मेरी तो पहले से ही एक बीवी है, फिर भी मैं…

fsdaf

आजकल सोशल मीडिया पर एक ऐसी शादी की कहानी वायरल हो रही है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। मामला कुछ ऐसा है जहां एक युवक की जबरन शादी करवा दी गई — वो भी एक ऐसी महिला से जो पहले से पांच बच्चों की मां थी। और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि युवक पहले से ही शादीशुदा था!

कैसे हुआ यह अनोखा 'विवाह'?

यह घटना उत्तर भारत के एक ग्रामीण इलाके की है, जहां एक युवक का गांव की एक महिला से कुछ समय से मिलना-जुलना हो रहा था। दोनों के बीच क्या था और क्या नहीं, ये तो साफ नहीं हुआ, लेकिन गांववालों को शक जरूर हो गया। गांव की पंचायत ने बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के तुरंत फैसला सुना दिया — "अब तो शादी करानी पड़ेगी!"

दूल्हा बोला - "मेरी पहले से पत्नी है!"

जब पंचायत ने लड़के को शादी के लिए बुलाया, तो उसने साफ कहा, "मेरी तो पहले से एक बीवी है, और मैं किसी और से शादी नहीं कर सकता।" लेकिन गांव के बुजुर्गों ने उसकी एक न सुनी। उनका कहना था कि अगर तुम महिला से मिलते रहे हो, तो अब उसकी जिम्मेदारी तुम्हारी है। महिला की हालत यह थी कि वह पांच बच्चों की मां थी और उसका पहले ही किसी और से तलाक हो चुका था।

जबरन शादी, फिर कैमरे के सामने बयान

आख़िरकार, समाज के दबाव में लड़के ने शादी तो कर ली, लेकिन मंडप से निकलते ही उसने कैमरे के सामने कहा – "मुझे जबरदस्ती फंसाया गया है। मेरी पहले से शादी हो चुकी है, मेरे बच्चे हैं। लेकिन अब समाज के डर से ये शादी करनी पड़ी। मैं अपनी पहली पत्नी को नहीं छोड़ूंगा, और इस नई पत्नी की जिम्मेदारी भी निभाऊंगा।"

गांववालों की दो टूक – "अब निभानी पड़ेगी दोनों की ज़िम्मेदारी"

पंचायत का कहना था कि अगर युवक ने महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है, तो उसे उसकी भरपाई करनी ही होगी। चाहे पहले से शादीशुदा हो या नहीं, अब उसे दोनों की ज़िम्मेदारी निभानी होगी।

सोशल मीडिया पर उड़ा मज़ाक, साथ ही उठे गंभीर सवाल

इस मामले पर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है – लोग कह रहे हैं "अब संभालो दो-दो बीवियाँ और छह-सात बच्चे!"
लेकिन कई लोग इस पर सवाल भी उठा रहे हैं – क्या किसी की मर्जी के बिना जबरन शादी कराना सही है? क्या पंचायत को कानून से ऊपर मान लेना सही है?

निष्कर्ष

यह मामला केवल एक अजीब शादी की कहानी नहीं है, बल्कि हमारे समाज की सोच और पुराने सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है। एक तरफ तो यह हास्यास्पद लगता है, दूसरी ओर इसमें कई कानूनी और नैतिक मुद्दे भी छिपे हैं।

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