'हम ओलंपिक में भी ऐसा ही प्रदर्शन करेंगे', बीएफआई चीफ अजय सिंह ने एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन को सराहा
आइची-नागोया, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के प्रेसिडेंट अजय सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 11 इवेंट्स में टीम के छह मेडल पिछले संस्करण की तुलना में काफी बेहतर हैं और महाद्वीपीय प्रतियोगिता में टीम की मजबूती को दिखाते हैं।
भारत के बॉक्सिंग अभियान में तीन और ब्रॉन्ज मेडल जुड़े। प्रिया घंघस, नरेंद्र और कपिल पोखरिया अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हार गए, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिले। दूसरी ओर, भारत के लिए अच्छी खबर यह रही कि लवलीना बोरगोहेन, अंकुश दहिया और परवीन हुड्डा शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच गए हैं और अब गोल्ड मेडल जीतने की चुनौती पेश करेंगे।
अजय सिंह ने 'आईएएनएस' से कहा, "हमें इन एशियन गेम्स में 11 इवेंट्स में छह मेडल मिले हैं। पिछली बार हमें 13 इवेंट्स में चार मेडल मिले थे। इसलिए हमने पिछली बार की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि तीन मुक्केबाजों का फाइनल में पहुंचना एक शानदार उपलब्धि है, क्योंकि बॉक्सिंग के लिए एशियन गेम्स काफी हद तक ओलंपिक जैसे ही होते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "दुनिया के सभी टॉप देश एशियाई खेलों में हिस्सा लेते हैं। इसी कारण यहां हम जैसा भी प्रदर्शन कर रहे हैं, पूरी संभावना है कि ओलंपिक में भी वैसा ही प्रदर्शन दोहराया जाएगा। छह मेडल जीतना, जिनमें से तीन फाइनल में हैं, एक बड़ी उपलब्धि है। हमें उम्मीद है कि कल या परसों, जब फाइनल होंगे, तो हम इनमें से कुछ फाइनलिस्ट को गोल्ड मेडल जीतने में मदद कर पाएंगे।"
महिलाओं के 60 किग्रा सेमीफाइनल में, कॉमनवेल्थ गेम्स की मौजूदा चैंपियन प्रिया को चीन की यांग चेंग्यु से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। भारतीय मुक्केबाज ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन तीन राउंड में जजों को प्रभावित करने के लिए काफी प्वाइंट हासिल नहीं कर सकीं।
नरेंद्र ने भी पुरुषों के 90 प्लस किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन सेमीफाइनल में उन्हें कजाकिस्तान के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन ओरलबे से 0-5 से हार मिली थी। हालांकि, नरेंद्र ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन ओरलबे ने अपनी पंचिंग और डिफेंस की बदौलत मैच पर पकड़ बनाए रखी और सर्वसम्मति से जीत हासिल की।
पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में कपिल भी फाइनल राउंड में बाहर हो गए। वह उज्बेकिस्तान के विश्व चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से 1-4 से हार गए। भारत के तीन मुक्केबाज अभी भी गोल्ड मेडल की दौड़ में बने हुए हैं। लवलीना ने कजाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा के खिलाफ कड़े मुकाबले वाले सेमीफाइनल में 3-2 से जीत हासिल कर महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। परवीन और अंकुश भी अपने-अपने इवेंट के फाइनल में पहुंच गए हैं, जिसका मतलब है कि अब भारत के पास 2 अक्टूबर को बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने के तीन मौके होंगे।
--आईएएनएस
एसएम/एबीएम

