इंग्लैंड के विश्व कप से बाहर होने पर हैरी केन बोले-जीत के दरवाजे तक पहुंचे फिर आखिरी पल हमसे छूट गया
अटलांटा, 16 जुलाई (आईएएनएस)। इंग्लैंड का फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में खेलने का सपना साकार नहीं हो सका। सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को अर्जेंटीना के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। टीम की हार से कप्तान हैरी केन बेहद निराश नजर आए।
केन ने कहा कि मुकाबले में 1-0 की बढ़त बनाने के बावजूद इंग्लैंड की टीम जिस तरह से हारी, वो बेहद दुखद है। 1966 के बाद से इंग्लैंड को सेमीफाइनल में यह तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले, 1990 और 2018 में भी टीम का फाइनल खेलने का सपना टूटा था। इंग्लैंड अब तीसरे स्थान के लिए होने वाले प्लेऑफ मैच में फ्रांस से भिड़ेगा।
मैच के बाद हैरी केन ने कहा, "इस टूर्नामेंट में हमारे कई अच्छे पल रहे। हमने कई अच्छे मैच खेले और एक और सेमीफाइनल खेला। हम हमेशा कहते हैं कि हम जीत के दरवाजे पर हैं, हम बहुत करीब हैं। हमें बस टूर्नामेंट के आखिरी चरण में उस गायब कड़ी को खोजने की जरूरत है।" उन्होंने आगे कहा, "ये टूर्नामेंट बहुत थका देने वाले होते हैं, इनमें बहुत मेहनत, दबाव और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। हमने पिछले 6-7 हफ्तों में जब हम साथ थे, यह सब दिखाया है, लेकिन बस वही आखिरी चीज हमसे छूट रही है।"
इंग्लैंड ने दूसरे हाफ की शुरुआत में एंथनी गॉर्डन के गोल से मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, अर्जेंटीना ने मैच के अंतिम क्षणों में 7 मिनट के अंदर एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज द्वारा किए गए गोल की बदौलत शानदार वापसी करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की। मार्टिनेज का गोल इंजरी टाइम में आया, जिसने मौजूदा चैंपियन को लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट दिलाया।
केन ने कहा, "मैं बहुत दुखी हूं। साथी खिलाड़ियों के लिए दुखी हूं, सभी के लिए दुखी हूं। हमने ज्यादातर समय अच्छा खेल दिखाया। जब हम 1-0 से आगे हुए तो ऐसा लगा जैसे हम बस बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे, जो इस स्तर पर काफी नहीं है। बहुत दुख हो रहा है, क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए हमने बहुत मेहनत की है। खिलाड़ियों ने अपनी पूरी जान लगा दी – दौड़, पसीना, खून, आंसू, सब कुछ झोंक दिया। आज हम जिस तरह से हारे, वह वाकई बहुत दुखद है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें गेंद पर दबाव बनाने में मुश्किल हुई। पहले हाफ और दूसरे हाफ की शुरुआत में हमने उन पर अच्छा दबाव बनाया। हमने उन्हें काफी दबाव में रखा, खासकर पिच के ऊपरी हिस्से में, जिससे हमें बॉल जीतने और गेम पर थोड़ा बेहतर कंट्रोल करने में मदद मिली।"
केन ने कहा कि गोल करने के बाद अर्जेंटीना ने अपने हमले और तेज कर दिए। उन्होंने ज्यादा खिलाड़ियों को आगे भेजकर दबाव बनाया, जबकि इंग्लैंड के खिलाड़ी उन्हें रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। अर्जेंटीना लगातार हमले कर रहा था और इंग्लैंड की टीम ज्यादातर समय सिर्फ बचाव करने में लगी रही।
केन ने अनुसार, इंग्लैंड ने अर्जेंटीना को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिर में वह ऐसा करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, "खिलाड़ी गेम के किसी भी पल के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। जब हमने मैच में बढ़त बनाई, तो संदेश यही था कि फिर से हमला करें और एक और गोल करें। फिर जाहिर है कि जब उन्होंने दो गोल किए, तो हमने वापसी की कोशिश की, लेकिन हम गेम में मोमेंटम वापस नहीं ला पाए।"
--आईएएनएस
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