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हम गुस्सा नहीं करते, बस अगले प्वाइंट के बारे में सोचते हैं: सात्विक

हम गुस्सा नहीं करते, बस अगले प्वाइंट के बारे में सोचते हैं: सात्विक
हम गुस्सा नहीं करते, बस अगले प्वाइंट के बारे में सोचते हैं: सात्विक

नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने बताया कि उन्होंने और उनके डबल्स पार्टनर चिराग शेट्टी ने कोर्ट पर अपनी भावनाओं पर काबू पाना सीख लिया है। वे मैच के दौरान एक-दूसरे पर गुस्सा करने के बजाय गलतियों से जल्दी आगे बढ़ना पसंद करते हैं।

एशियन गेम्स से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि प्वाइंट हारने के बाद उन्हें या चिराग में से किसे ज्यादा गुस्सा आता है और शांत होने में किसे अधिक समय लगता है, तो सात्विक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उनका नजरिया बदल गया है।एशियन गेम्स से पहले वर्चुअल मीडिया बातचीत के दौरान 'आईएएनएस' के सवाल का जवाब देते हुए सात्विक ने कहा, "नहीं, हम दोनों को जल्दी गुस्सा नहीं आता। हम उस स्थिति के हिसाब से खुद को ढाल लेते हैं। पहले मैं रिएक्ट करता था। अगर कोई गलती करता था - चाहे मैं या चिराग - तो मैं तुरंत रिएक्ट कर देता था। मगर अब मैं ज्यादा रिएक्ट नहीं करता। मतलब, यह बस एक प्वाइंट है। हम अगले प्वाइंट पर ध्यान देते हैं।"

भारतीय शटलर ने कहा कि उन्हें एहसास हो गया है कि पार्टनर के प्रति निराशा जाहिर करने से उनके तालमेल की लय बिगड़ सकती है, इसलिए तुरंत अपना ध्यान दूसरी तरफ लगाना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, "तो, यह एक तरह से मानसिक बात भी हो गई है। जैसे, जब आप अपने पार्टनर के सामने भावनाएं जाहिर करते हैं, तो तालमेल ठीक नहीं बैठता। इसी वजह से बस यही सोचना चाहिए - अगले प्वाइंट के बारे में सोचो, अगले प्वाइंट के बारे में। इसी वजह से हम गुस्सा नहीं करते। हम अब तक कोर्ट पर कभी गुस्सा नहीं हुए। हमने कभी ऐसा दिखाया भी नहीं। हम बस अगले प्वाइंट पर ध्यान देते हैं।"

सात्विक ने कहा कि हार के बाद भी यह जोड़ी इसी सोच को अपनाती है और हारे हुए मैच के बारे में सोचने के बजाय आगे देखना पसंद करती है। उन्होंने कहा, "खेल में बहुत सारे प्वाइंट्स होते हैं। हारे हुए मैच के बाद भी हम यही कहते हैं, 'हां, अगली बार खेलेंगे।' बस अगले मैच पर ध्यान देते हैं।" 2022 में हांग्झू में मिली यादगार जीत के बाद भारतीय जोड़ी अब एशियन गेम्स में पुरुषों के डबल्स गोल्ड मेडल का बचाव करने की तैयारी कर रही है।

पिछले एशियन गेम्स के अपने अनुभव को याद करते हुए, सात्विक ने बताया कि फाइनल को लेकर इतनी ज्यादा उत्सुकता थी कि मैच से एक रात पहले न तो वह और न ही चिराग ठीक से सो पाए थे। उन्होंने याद करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि मुझे पिछली रात, यानी फाइनल से पहले की रात अभी भी याद है; मैं और चिराग असल में सो नहीं पाए थे। लगभग 1:30 बजे के आसपास, मैं पानी पीने के लिए उठा। तभी मुझे चिराग के कमरे से आवाज सुनाई दी। जैसे मैं खुद से कह रहा था कि कम से कम कुछ घंटे तो सो ही लो।"

सात्विक ने आगे कहा, "अगली सुबह मैंने चिराग से पूछा, 'शेट्टी भाई, क्या तुम भी नहीं सोए?' तो उन्होंने भी कहा, 'नहीं, मैं भी नहीं सोया।' तो मुझे लगता है कि हम उससे पहले वाली रात सो नहीं पाए थे।" उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके करियर के सबसे बड़े पलों में से एक बन गया, जिसमें भारत ने व्यक्तिगत मुकाबले से पहले टीम इवेंट में हिस्सा लिया था।

उन्होंने कहा, "उस समय मुझे इतना महसूस नहीं हुआ, लेकिन अब मुझे लग रहा है कि वह पल कितना शानदार था। मेरे लिए, मैं उसे वहीं छोड़ देता हूं। जैसे जब भी मैं वहां जीतता हूं, तो वह दिन विजेता वाला दिन होता है। अगला दिन मेरे लिए सामान्य होता है। मगर मुझे लगता है कि अगर हम पीछे मुड़कर देखें, अगर उन चीजों, उन पलों के बारे में बात करें, तो मुझे लगता है कि मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।"

सात्विक ने आगे कहा, "मुझे अभी भी वह राष्ट्रगान सुनाई देता है, चीन में एशियन गेम्स जीतना। मुझे लगता है कि यह सबसे बड़ी चीजों में से एक है। मुझे लगता है कि किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि बैडमिंटन में डबल्स में एशियन गेम्स जीता जाएगा।" सात्विक और चिराग चीन मास्टर्स में पुरुषों का डबल्स खिताब जीतने के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ एशियन गेम्स में उतरेंगे। दुनिया की नंबर 5 जोड़ी ने फाइनल में चीन की जोड़ी हे जी टिंग और रेन जियांग को 11-21, 21-13 और 21-17 से हराकर बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर पर अपने करियर का 10वां खिताब जीता।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी

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