'होटल मालिक की लापरवाही से गई जान,' तारापीठ होटल अग्निकांड पर बोले स्थानीय नेता
बीरभूम, 17 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास तालाब के किनारे स्थित 'विदेशिनी होटल' में आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लोग झुलस गए हैं।
दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड और पुलिस की तत्परता से 24 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद स्थानीय नेता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह हादसा पूरी तरह होटल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से हुआ है।
उन्होंने कहा, "इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड के हम आभारी हैं। इनकी वजह से 24 लोग बच गए हैं। होटल में पाइप लाइन की व्यवस्था है, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है। सिक्योरिटी नहीं है। हादसे के समय कोई नहीं था। होटल मालिक की लापरवाही से लोगों की जान गई।"
उन्होंने आरोप लगाया कि इस होटल को तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (टीआरडीए) ने अनुमति दी थी, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
स्थानीय नेता ने कहा, "सीएम सुवेंदू अधिकारी घटना को लेकर संवेदनशील हैं। सुबह से ही वह संपर्क में हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पहले सारे होटल की छानबीन की जाएगी कि उसमें फायर सेफ्टी की व्यवस्था है या नहीं। अगर किसी में कमी पाई जाती है तो वो होटल नहीं चलेगा।"
प्रशासन ने जिले के सभी होटलों और धर्मशालाओं में फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों को तुरंत बंद करने की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय नेता ने कहा, "पिछले 100 दिन से प्रदेश में भाजपा की सरकार है। अब इतना जल्दी तो इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक नहीं किया जा सकता। ये सब पिछली सरकार का खामियों की वजह से हो रहा है। लेकिन भाजपा सरकार इसको लेकर गंभीर है और सख्ती से कार्रवाई करेगी।"
--आईएएनएस
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