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हुगली में टीएमसी पार्षद गिरफ्तार, पुलिसकर्मी की नाक तोड़ने का आरोप

कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक पुलिस अधिकारी को मुक्का मारकर उसकी नाक तोड़ने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक पार्षद को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में पार्षद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
हुगली में टीएमसी पार्षद गिरफ्तार, पुलिसकर्मी की नाक तोड़ने का आरोप

कोलकाता, 7 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक पुलिस अधिकारी को मुक्का मारकर उसकी नाक तोड़ने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक पार्षद को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में पार्षद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार पार्षद की पहचान राजेश शाह उर्फ ‘कुकुआ’ के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को श्रीरामपुर अदालत में पेश किया, जहां उनकी हिरासत की मांग की गई। वहीं, घायल पुलिसकर्मी का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, बुधवार को हुगली जिले के श्रीरामपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 10 स्थित टिन बाजार इलाके में एक आंगनवाड़ी केंद्र को लेकर विवाद हो गया था। बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्र पर ताला लगा हुआ था, जिसे खोलने के लिए पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे थे।

इसी दौरान टीएमसी पार्षद राजेश शाह वहां पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस बात को लेकर पुलिस और पार्षद के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान पार्षद ने एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) को मुक्का मार दिया, जिससे उसकी नाक से खून बहने लगा। इसके बाद पुलिस ने राजेश शाह और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, टीएमसी पार्षद ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। अदालत ले जाते समय उन्होंने दावा किया कि संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र राज्य सरकार की ‘पड़ाय समाधान’ योजना के तहत स्थापित किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और माकपा कार्यकर्ता उस केंद्र पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके कारण झड़प हुई। हालांकि उन्होंने पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप से साफ इनकार किया।

राजेश शाह ने कहा, “मेरे वार्ड और मेरी पत्नी के वार्ड दोनों जगह तृणमूल कांग्रेस को बढ़त मिली है। इसी वजह से राजनीतिक प्रतिशोध के तहत मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”

गौरतलब है कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य के कई हिस्सों से चुनाव बाद हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़े जाने की घटनाएं हुईं, जबकि कई जगह भाजपा कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया और वे घायल हुए।

पुलिस ने कहा है कि चुनाव बाद हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

डीएससी

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